ससुराल के लोगों ने महिला, उसकी मां और पिता की बेरहमी से की पिटाई, अपराध दर्ज 

Amit
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गर्भवती होने के बावजूद कई घंटे तक की मारपीट 

रायगढ़। पुसौर थाना क्षेत्र में ससुराल के लोगों ने महिला, उसकी मां और उसके पिता की बेरहमी से पिटाई कर दी। बताया जा रहा है कि महिला अपने पति के साथ ट्रेन से गई थी। ट्रेन में पति बाथरूम के लिए गया था, लेकिन वह अचानक गायब हो गया। इसके बाद वह जब घर पहुंची तो ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट की। पुसौर थाने में घरघोडा थाना क्षेत्र के गांव टेंण्डा नावापारा निवासी नीरा गुप्ता ने तहरीर देते हुए बताया कि उनका एक एक बेटा गजानंद गुप्ता और एक लड़की अनुषा गुप्ता है। पीड़िता ने बताया कि उसकी बेटी अनुषा गुप्ता रायपुर के नारायणा अस्पताल मे स्टाफ नर्स के रूप मे कार्य करती है, जिसने पिछले सितंबर माह मे पुसौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम टिनमीनी निवासी मधुसुदन गुप्ता से आर्य समाज बिलासपुर में शादी कर ली थी।

पीड़िता ने बताया कि उसका दामाद मधुसुदन गुप्ता मिलिट्री मे नौकरी करता है। छह जनवरी की रात 10 बजे उसकी बेटी अनुषा गुप्ता ने उसे फोन करके बताया कि वो दोनों ट्रेन से वापस घर आ रहे हैं। इसी बीच मधुसुदन गुप्ता राजनांदगांव रेलवे स्टेशन में बाथरुम जाने की बात कहकर गया था, जो कई घंटे बाद भी ट्रेन के बिलासपुर पहुंचने पर भी वापस नहीं लौटा। पीड़िता ने बताया कि बेटी के अकेले ही बिलासपुर पहुंचने पर वे लोग उचित साधन से बिलासपुर गये और लड़की को लेकर वापस घर आये और फिर अगले दिन मधुसुदन अपने घर पहुंच गया होगा समझकर वो लोग पुसौर क्षेत्र के ग्राम टिनमिनी पहुंचे। वहां मधुसुदन के बारे में पूछताछ करने पर उसके मां-बाप और उसका मामा व अन्य लोग गाली-गलौज करने लगे।

जान से मारने की धमकी देते हुए ईंट, पत्थर और डंडे से कई घंटे तक मारपीट की। इसके बाद संजीवनी 108 वाहन की मदद से तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़िता की शिकायत के बाद पुसौर पुलिस ने इस मामले में  धारा 115, 296, 3(5) 351 के तहत अपराध दर्ज कर मामले को जांच शुरू कर दी है। मधुसुदन की पत्नी पीड़िता अनुषा गुप्ता ने बताया कि 13 सितंबर को शादी के बाद से वह अपने पति के साथ उत्तराखंड में रह रही थी। इसके बाद उसके सास-ससुर ने उन्हें घर बुलाया, तब दोनों पांच जनवरी को दिल्ली पहुंचे। छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से दोनों बिलासपुर जा रहे थे। इसी बीच डोंगरगढ़ से रायपुर के बीच मधुसुदन उसे अकेले छोड़कर चला गया। इसके बाद पीड़िता ने मधुसुदन के भाई को फोन किया तो उसने उसे और उसके माता-पिता को मारने पीटने की धमकी दी।

पीड़िता ने बताया कि मधुसुदन के परिजनों ने उन्हें अपने गांव टिनमिनी बुलाया। आठ जनवरी की शाम चार बजे के आसपास जब वे लोग टिनमिनी पहुंचे तो वे लोग गाड़ी से उतर ही नहीं पाये थे कि उन्होंने बाल खींचकर गाड़ी से नीचे उतारकर उसके गर्भवती होने के बावजूद उसके साथ कई घंटे तक मारपीट की।

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