
नोएडा: गौतमबुद्ध नगर में अवैध कब्जों पर जिला प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। नोएडा प्राधिकरण ने सरकारी और अपनी जमीन पर हुए अवैध कब्जों व अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ फिर से बड़ी कार्रवाई की है। सेक्टर-77 में ग्राम सोरखा की खसरा संख्या-18 पर स्थित लगभग 4,200 वर्ग मीटर मास्टर ग्रीन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाया गया और वहां बने अनधिकृत ढांचों को तोड़कर जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया।
प्राधिकरण ने कहा- कार्रवाई जारी रहेगी
नोएडा प्राधिकरण के मुताबिक, जिस जमीन को कब्जे से मुक्त कराया गया है, उसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 40 करोड़ रुपये है। यह कार्रवाई नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश के निर्देश पर वर्क सर्किल-6 की टीम ने अंजाम दी है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और प्राधिकरण की जमीन से अवैध कब्जे हटाने और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
प्राधिकरण के अनुसार, सेक्टर-77 में ग्राम सोरखा की खसरा संख्या-18 वाली यह जमीन मास्टर ग्रीन के तहत आरक्षित है। बताया गया कि कुछ अतिक्रमणकर्ताओं ने इस भूमि पर गैर-कानूनी तरीके से कब्जा करके निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। प्राधिकरण की टीम ने स्थल पर पहुंचकर अनधिकृत ढांचों को तोड़ दिया और लगभग 4,200 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। इस कार्रवाई के बाद करोड़ों रुपये मूल्य की प्राधिकरण की जमीन फिर से सुरक्षित हो गई है।
कोर्ट तक पहुंच चुका है मामला
प्राधिकरण की इस कार्रवाई से पहले इस जमीन से जुड़ा मामला अदालत तक भी जा चुका था। दस्तावेजों के मुताबिक, अतिक्रमणकर्ता ने वाद संख्या 758/2025 दायर कर नोएडा प्राधिकरण के निर्माण/विकास कार्यों में हस्तक्षेप रोकने और राहत पाने की कोशिश की थी। प्राधिकरण ने अदालत में मजबूती से अपना पक्ष रखा, जिसके बाद अदालत ने पहले जारी की गई निषेधाज्ञा को रद्द कर दिया। इसके बाद प्राधिकरण ने कानून के अनुसार, कार्रवाई करते हुए स्थल पर बने अनधिकृत निर्माण को तोड़कर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया।
मास्टर ग्रीन विकसित करने पर काम शुरू
अतिक्रमण हटाए जाने के बाद अब इस जमीन पर मास्टर ग्रीन विकसित करने की योजना पर काम शुरू किया जा रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि इस इलाके में हरित क्षेत्र बढ़ने से स्थानीय निवासियों को बेहतर पर्यावरणीय सुविधाएं मिलेंगी। नोएडा को देश के प्रमुख नियोजित शहरों में गिना जाता है और शहर के मास्टर प्लान में हरित क्षेत्रों के लिए जमीन आरक्षित की गई है। ऐसे में मास्टर ग्रीन की भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराना पर्यावरण की दृष्टि से भी अहम कदम माना जा रहा है।
अनधिकृत निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा- कृष्णा करुणेश
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण की जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा या अनधिकृत निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकारी और प्राधिकरण की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए नियमों के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान के अनुसार, आरक्षित जमीन का इस्तेमाल उसी उद्देश्य के लिए सुनिश्चित किया जाएगा और हरित क्षेत्रों की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जाएगा।
