ग्रेटर नोएडा। लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शासन के निर्देश पर जमीन की मुआवजा दर में वृद्धि कर दी है। प्राधिकरण किसानों से अब 6415 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से जमीन क्रय करेगा।
जमीन के बैनामे के साथ ही किसानों को आबादी भूखंड का आरक्षण पत्र जारी किया जाएगा। प्राधिकरण ने एक बार फिर किसानों को जमीन के एवज में छह प्रतिशत के बजाए दस प्रतिशत आबादी भूखंड के प्रावधान को फिर लागू कर दिया है।
किसान इसकी लंबे समय से मांग कर रहे थे। मुआवजा राशि में यह अब तक की सबसे अधिक बढ़ोतरी है।
2290 रुपये प्रति वर्गमीटर बढ़ा मुआवजा
औद्योगिक विकास के लिए किसानों की जमीन क्रय कर प्राधिकरण उन्हें अभी तक 4125 रुपये प्रति वर्ग मीटर से मुआवजा राशि दे रहा था, लेकिन यमुना प्राधिकरण में मुआवजा राशि ग्रेटर नोएडा के सापेक्ष अधिक होने से किसानों में असंतोष बढ़ गया था।
किसानों ने प्राधिकरण को जमीन देने से इनकार कर दिया था, इस वजह से प्राधिकरण की विकास परियोजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता में कमी हो गई थी।
मुआवजा राशि बढ़ाने को लेकर काफी समय से विचार विमर्श चल रहा था, इसकी वजह से बोर्ड बैठक में भी विलंब हो रहा था। लेकिन शासन के निर्देश पर प्राधिकरण ने रक्षा बंधन से एक दिन पहले किसानों को तोहफा देते हुए मुआवजा राशि में 2290 रुपये प्रति वर्गमीटर की बढ़ोतरी के साथ 6415 रुपये प्रति वर्गमीटर करने पर अपनी स्वीकृति दे दी।
छह प्रतिशत आबादी भूखंड के साथ किसानों को 5725 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा।
मिलेगा आबादी भूखंड का आरक्षण पत्र
एक और अहम फैसला लेते हुए वर्ष 2016 में प्राधिकरण बोर्ड द्वारा आबादी भूखंड का प्रावधान समाप्त करने के निर्णय को बदल दिया है। यानि किसानों को छह प्रतिशत आबादी भूखंड भी दिया जाएगा।
इसके लिए किसानों को पृथक सेक्टर विकसित कर आबादी भूखंड दिए जाएंगे। इस को सेक्टर भी अन्य सेक्टरों आवासीय, औद्योगिक, बिल्डर्स सेक्टर के साथ उसी तर्ज पर विकसित किया जाएगा। प्राधिकरण के पक्ष में जमीन की रजिस्ट्री के साथ ही किसानों को आबादी भूखंड का आरक्षण पत्र भी जारी कर दिया जाएगा।
अब तक की सबसे अधिक वृद्धि
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने जमीन खरीदने के लिए मुआवजा दर 2023-24 में 4125 प्रति वर्ग मीटर निर्धारित की थी। तब से यही दर लागू है। इससे पहले 2014-15 से 2021-22 तक 3500 रुपये प्रति वर्ग मीटर था।
2022-23 में मात्र 250 रुपये और 2023-24 में मात्र 375 रुपये प्रति वर्ग मीटर की वृद्धि की गई थी। पहली बार मौजूदा मुआवजा दर में एकमुश्त 2290 रुपये प्रति वर्ग मीटर की वृद्धि की गई है। इसके साथ ही अधिग्रहण की प्रक्रिया को और भी सरल बनाया जाएगा।
इसके लिए एसीईओ की अध्यक्षता में जमीन अधिग्रहण सेल गठित किए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं। यह सेल जमीन क्रय की प्रक्रिया को पूरी कराने में किसानों का सहयोग करेगा। जिससे किसानों को भटकना नहीं पडे़गा।
मुआवजे की रकम किसान के खाते में ट्रांसफर की जाएगी। आबादी भूखंड का न्यूनतम क्षेत्रफल 40 वर्ग मीटर और अधिकतम 2500 वर्ग मीटर होगा। इसके साथ ही किसानों को क्रय के समय उनकी भूमि में स्थित परिसंपत्तियों के लिए अलग से मुआवजा दिया जाएगा।
वर्षवार मुआवजा दर पर एक नजर
| वर्ष | मुआवजा दर |
|---|---|
| 2014-15 | 3500 रुपये प्रति वर्ग मीटर |
| 2022-23 | 3750 रुपये प्रति वर्ग मीटर |
| 2023-24 | 4125 रुपये प्रति वर्ग मीटर |
| 2026-27 | 6415 रुपये प्रति वर्ग मीटर |
