नई दिल्ली। दिल्ली की एक कालोनी में सर्विस लेन को घेरने के कारण आपात सेवाओं तक पहुंच बंद होने के खिलाफ दायर जनहित याचिका का दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को निपटारा कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने रिकार्ड पर लिया कि याचिकाकर्ता इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को प्रतिवेदन दिया गया है। उक्त तथ्यों को देखते हुए पीठ ने एमसीडी को निर्देश दिया कि याचिका को प्रतिवेदन के ताैर पर लेकर इस पर उचित निर्णय करें।
विचार करने से हाई कोर्ट ने इन्कार कर दिया। जनहित याचिका में कहा गया कि इलाके में लोगों ने अपनी बालकनी और सर्विस लेन को लोहे की ग्रिल से घेर लिया है। इसके कारण फायर फाइटर्स जैसी इमरजेंसी सेवाओं तक पहुंच नहीं हो पा रही थी।
याचिकाकर्ता ने यह भी तर्क दिया कि हाल ही में दिल्ली में कई आग की ऐसी घटनाएं हुई है, जहां अतिक्रमण के कारण अग्निशमन विभाग की टीम को माैके पर पहुंचने में दिक्कत हुई। इस संबंध में पूर्व आदेशाें के बावजूद भी अतिक्रमण करने वालाें के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।

