वायु प्रदूषण पर बड़ी सख्ती, दिल्ली सरकार ने जारी की नई स्थायी नीति

News Desk
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नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने सर्दियों के मौसम में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए एक व्यापक व स्थायी नीति (मास्टर प्लान) अधिसूचित कर दी है. पर्यावरण एवं वन विभाग द्वारा जारी इस अधिसूचना के तहत हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी तक विशेष नियम लागू रहेंगे. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस स्थायी व्यवस्था के बाद अब हर वर्ष अलग-अलग आदेश जारी करने की जरूरत नहीं होगी. सभी एजेंसियां पहले से तय नियमों के अनुसार समयबद्ध कार्रवाई कर सकेंगी.

एक्यूआई के आंकड़ों के आधार पर नीति तैयार

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह नीति पिछले वर्षों के अनुभवों व वायु गुणवत्ता के आंकड़ों का विस्तृत अध्ययन करके बनाई गई है. वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान यह पाया गया कि 1 नवंबर से 15 फरवरी के बीच दिल्ली का औसत एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) 312 से 342 के बीच रहा, जबकि अधिकतम AQI 461 से 494 तक पहुंचा. इसी आधार पर इन नियमों में वायु गुणवत्ता गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के संशोधित ग्रैप (GRAP) और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों को समाहित किया गया है.

वाहनों पर सख्त पाबंदी और पीयूसी अनिवार्य

  • सालभर पीयूसी अनिवार्य: दिल्ली के सभी पेट्रोल, डीजल, सीएनजी व एलपीजी पंपों पर अब सिर्फ उन्हीं वाहनों को ईंधन मिलेगा, जिनके पास वैध ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल’ (पीयूसी) सर्टिफिकेट होगा. यह नियम पूरे साल लागू रहेगा. इसकी जांच डिजिटल डेटाबेस (NPR, वाहन डेटाबेस) के जरिए की जाएगी और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी.
  • बाहरी वाहनों पर रोक: 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-VI से नीचे के सभी मोटर वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा. हालांकि सीएनजी, इलेक्ट्रिक वाहनों, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस और पर्यावरण विभाग द्वारा छूट प्राप्त वाहनों को इसमें छूट मिलेगी.

दफ्तरों के समय में बदलाव और 50% वर्क फ्रॉम होम

  • 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली सरकार व निजी कार्यालयों के 50 प्रतिशत कर्मचारी ही दफ्तर आएंगे, जबकि शेष 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम करेंगे. आवश्यक सेवाओं के प्रमुख व प्रशासनिक सचिव नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे.
  • पीक आवर्स के ट्रैफिक को बांटने के लिए 1 नवंबर से 28 फरवरी तक दिल्ली नगर निगम (MCD) के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे.
  • निजी वाहनों के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए अधिकृत पार्किंग स्थलों पर शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा (DMRC पार्किंग को छोड़कर).

निर्माण कार्यों पर रोक व धूल नियंत्रण के कड़े नियम

प्रत्येक वर्ष 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाली तोड़फोड़ (डिमोलिशन) व खुले में होने वाले सिविल निर्माण कार्यों पर पूरी तरह रोक रहेगी. हालांकि, आवश्यक सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को छूट दी जाएगी. साइट के अंदर फिनिशिंग, प्लंबिंग व इलेक्ट्रिकल कार्य मानकों के साथ किए जा सकेंगे, लेकिन सामग्री को बाहर खुले में डंप करना प्रतिबंधित होगा.

10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच पाबंदियां और सख्त होंगी. इस दौरान रेत, बजरी, पत्थर, ईंट, सीमेंट, रेडी-मिक्स कंक्रीट या मलबा लेकर आने वाले वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. 3,000 वर्गमीटर से अधिक निर्मित क्षेत्र वाले सभी वाणिज्यिक भवनों (मॉल, होटल, जी+5 इमारतें) में 15 अगस्त तक एंटी-स्मॉग गन लगाना अनिवार्य होगा. यह पूरे साल चलेंगे (1 मई से 15 सितंबर को छोड़कर). इसके साथ ही 1,000 वर्गमीटर से बड़े निर्माणाधीन स्थलों पर मिस्ट सिस्टम लगाना आवश्यक होगा.

खुले में कचरा जलाने पर संस्थागत जवाबदेही और ड्रोन से निगरानी

खुले में कचरा, पत्तियां या बायोमास जलाने पर अब सिर्फ आग लगाने वाले व्यक्ति पर ही नहीं, बल्कि लापरवाही बरतने वाली संस्था या आरडब्ल्यूए (RWA) पर भी सीधी जवाबदेही तय होगी. संस्थाओं को अपने सुरक्षा व सफाई कर्मचारियों के लिए सर्दियों में हीटिंग (बिजली या स्वच्छ ईंधन) की व्यवस्था करनी होगी. लापरवाही पाए जाने पर पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 व वायु अधिनियम, 1981 के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी. पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति वसूली जाएगी. रात के समय घटनाओं का पता लगाने के लिए विशेष रूप से ड्रोन आधारित निगरानी का उपयोग किया जाएगा.

इन आवश्यक सेवाओं को रहेगी पूरी छूट

अस्पताल, स्वास्थ्य सेवाएं, अग्निशमन, जेल, सार्वजनिक परिवहन, बिजली, जलापूर्ति, स्वच्छता, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और ग्रैप लागू कराने वाली एजेंसियों को इन सभी प्रतिबंधों से मुक्त रखा गया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली को स्वच्छ व स्वस्थ बनाने के लिए सभी नागरिकों और संस्थाओं से इस मास्टर प्लान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है.

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