राजधानी में कोहरा, बूंदाबांदी और खराब हवा का ट्रिपल अटैक

Amit
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नई दिल्ली- राजधानी दिल्ली में आने वाले दिनों के दौरान मौसम का रुख बदलने वाला है। मौसम विभाग ने सोमवार को ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। दिन में आसमान ज्यादातर साफ रहने की संभावना है, लेकिन सुबह के वक्त हल्के से लेकर बेहद घने कोहरे का असर कई इलाकों में देखने को मिल सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 30 दिसंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है, जिसका असर 31 दिसंबर से मैदानी इलाकों तक पहुंचेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के लिए कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस सिस्टम के प्रभाव से राजधानी में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है। खासतौर पर 29 और 30 दिसंबर की सुबह दृश्यता काफी कम रहने की चेतावनी दी गई है।

रविवार को दिन में तेज धूप निकलने से लोगों को राहत जरूर मिली, लेकिन सुबह और शाम ठंड का असर बना रहा। इस दौरान अधिकतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग का कहना है कि 31 दिसंबर को दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। वहीं, पहली जनवरी को भी मौसम कुछ ऐसा ही रहने की संभावना है और कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी से इनकार नहीं किया जा सकता।

मौसम के साथ-साथ राजधानी की हवा भी चिंता बढ़ा रही है। धीमी रफ्तार से चल रही हवाओं और स्थानीय कारणों के चलते वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है। रविवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 390 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब स्तर को दर्शाता है।

एनसीआर के शहरों में ग्रेटर नोएडा की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही, जहां एक्यूआई 434 तक पहुंच गया। गाजियाबाद में 414, नोएडा में 419 और गुरुग्राम में 353 एक्यूआई दर्ज किया गया। वहीं, फरीदाबाद की हवा अपेक्षाकृत बेहतर रही, जहां एक्यूआई 255 रिकॉर्ड किया गया।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन से जुड़े आंकड़ों के अनुसार राजधानी में प्रदूषण का सबसे बड़ा स्रोत वाहन हैं, जिनकी हिस्सेदारी करीब 17 फीसदी रही। इसके अलावा उद्योग, आवासीय गतिविधियां, निर्माण कार्य और सड़क की धूल भी प्रदूषण बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों तक हवा की स्थिति में खास सुधार की उम्मीद नहीं है।

खराब हवा के चलते सांस के रोगियों, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रदूषण के कारण लोगों को आंखों में जलन, खांसी, सिर दर्द और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। राजधानी के कई इलाकों में हवा बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई है।

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