
गाजियाबाद। नगर निगम ने 193 किलोमीटर लंबे सीवर नेटवर्क के संचालन और रखरखाव के लिए तीन वर्ष का टेंडर जारी कर दिया है। इसके लिए निगम सीमा में वर्ष 2019 के बाद शामिल हुए क्षेत्रों का चयन किया गया है। लंबे समय से नियमित रखरखाव के अभाव में इन इलाकों में सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की शिकायतें सामने आ रही थीं।
नगर आयुक्त विक्रमादितय सिंह मलिक ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत पूरे कार्य को छह अलग-अलग पैकेज में बांट दिया गया है। प्रत्येक पैकेज में सीवर लाइन, मास्टर पंपिंग स्टेशन और जहां आवश्यक होगा वहां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
कंपनियों से वित्तीय प्रस्ताव मांगे गए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित एजेंसियों को काम सौंपा जाएगा। योजना के तहत सबसे बड़ा पैकेज इंदिरापुरम क्षेत्र का है। जहां 88.42 किलोमीटर लंबे सीवर नेटवर्क का रखरखाव कराया जाएगा।
स्वर्ण जयंती पुरम क्षेत्र की 8.12 किलोमीटर और विजय नगर क्षेत्र की 53.05 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन भी योजना में शामिल है। सिटी जोन में 56 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, 41 एमएलडी क्षमता के मास्टर पंपिंग स्टेशन और 38.70 किलोमीटर लंबे सीवर नेटवर्क का संचालन और रखरखाव कराया जाएगा।
मोहन नगर जोन के 17 एमएलडी क्षमता वाले मास्टर पंपिंग स्टेशन और वसुंधरा जोन के 4.763 किलोमीटर सीवर नेटवर्क को भी योजना में शामिल किया गया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि अभी तक नए शामिल क्षेत्रों में सीवर नेटवर्क के रखरखाव की जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं होने से कई स्थानों पर समय पर मरम्मत नहीं हो पाती थी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी जवाबदेह होगी। खराबियों का निस्तारण पहले की तुलना में अधिक तेजी से कराया जा सकेगा। सीवर ओवरफ्लो और जलभराव जैसी समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है।
