रमेश बिधूड़ी पर हरीश रावत का कटाक्ष, हेट स्पीच का मुकदमा दर्ज कराने की मांग

Rohit Kumar
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भाजपा सांसद रमेश विधूड़ी के बसपा सांसद कुंवर दानिश अली को लेकर संसद में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस इस मामले पर भाजपा को घेरने में जुटी है। उत्तराखंड के पूर्व सीएम और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने इस प्रकरण में बड़ी मांग करते हुए सांसद को बर्खास्त करने के साथ ही हेट स्पीच के मामले में केस दर्ज करने की मांग की है।

सांसद रमेश विधूड़ी के विवादित टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। उत्तराखंड के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने रमेश विधूड़ी को संसद से बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि रमेश विधूड़ी का आचरण निंदनीय है। ऐसे में उन्हें संसद से बर्खास्त कर देना चाहिए। उन्होंने इस मामले में पीएम मोदी से भी कार्रवाई करने की मांग की है। इतना ही नहीं हरीश रावत ने रमेश विधूड़ी पर हेट स्पीच का केस दर्ज करने की मांग की है।

हरीश रावत का कहना है कि भारत की संसद भी और वह भी नई आकांक्षाओं का नया संसद भवन घृणा उद्बोधन का केंद्र बनने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ सांसद ने जिस तरीके से घृणास्पद शब्दों का उपयोग किया है, एक दूसरे सांसद के लिए वह बहुत दुर्भाग्य जनक है। हरीश रावत ने कहा कि पार्टी ने जो संस्कार अपने नेताओं, कार्यकर्ताओं में डाले हैं, वह घृणा जिस तरीके से उगल करके सामने आ रही है, वह बहुत चिंताजनक है।

उन्होंने कहा कि रमेश विधूड़ी कोई सामान्य सांसद नहीं हैं, उनका आचरण निंदनीय है। भाजपा को देश से क्षमा मांगनी चाहिए और अपने सांसद को बर्खास्त करना चाहिए। एक तरफ प्रधानमंत्री जी नई शुरुआत की बात करते हैं और दूसरी तरफ उनके सांसद किस तरीके का आचरण कर रहे हैं, वह चिंताजनक है। इसी असहिष्णुता के खिलाफ तो भारत जोड़ो यात्रा, मोहब्बत की दुकान और हमारा गठबंधन है जो कह रहा है कि भारत जुड़ेजा-इंडिया जीतेगा।

हेट स्पीच में क्या हो सकती है सजा

भारतीय दंड विधान यानी आईपीसी के सेक्शन 153(A) के तहत प्रावधान है कि अगर धर्म, नस्ल, जन्मस्थान, रिहाइश, भाषा, जाति या समुदाय या अन्य ऐसे किसी आधार पर भेदभावपूर्ण रवैये के चलते बोला या लिखा गया कोई भी शब्द अगर किसी भी समूह विशेष के खिलाफ नफरत, रंजिश की भावनाएं भड़काता है या सौहार्द्र का माहौल बिगाड़ता है, तो ऐसे मामले में दोषी को तीन साल तक की कैद की सज़ा या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

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