
नोएडा: गौतमबुद्धनगर में अपर पुलिस आयुक्त डॉ. राजीव नारायण मिश्र 31 अक्टूबर, 2026 को पुलिस सेवा से रिटायर हो गए। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने उनको पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न भेंटकर विदाई दी। विदाई कार्यक्रम में अफसरों ने उनकी वीरता का जिक्र किया। कानपुर देहात के रहने वाले राजीव नारायण मिश्र 1994 बैच के पीपीएस अफसर हैं। 2010 में उनका आईएएस कैडर में प्रमोशन हुआ। मई, 2025 से वह नोएडा में तैनात थे।
पांच जुलाई, 2005 में जब अयोध्या स्थित रामजन्म भूमि परिसर में आतंकी हमला हुआ था, तब राजीव नारायण मिश्र वहीं तैनात थे। उन्होंने वीरता दिखाते हुए सीआरपीएफ के साथ मिलकर पांच आतंकियों को मार गिराया था। इस जांबाजी के लिए उनको देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया था।
पीएसी यूनिट को बना दिया था कोविड अस्पताल
एक संवेदनशील अफसर के रूप में राजीव नारायण मिश्रा की पहचान तब हुई जब कोरोना काल में प्रयागराज में रहते हुए उन्होंने एक मिसाल कायम की। उन्होंने अपनी पीएसी यूनिट के ओपीडी को एक सक्रिय कोविड अस्पताल में बदलवा दिया जिससे हजारों लोगों की जान बचाई जा सकी।
कई सम्मान से नवाजे जा चुके हैं
वह वाराणसी में 34वीं वाहिनी पीएसी के कमांडेंट, प्रयागराज में माघ मेला के एसएसपी/डीआईजी और प्रयागराज पूर्वी जोन पीएसी के प्रभारी आईजी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उनको अपने सेवाकाल में प्लैटिनम डीजीपी कमेंडेशन डिस्क (2022) और अति उत्कृष्ट सेवा पदक (2025) से नवाजा जा चुका है।
साइबर क्राइम में कराई बड़ी रिकवरी
नोएडा में तैनाती के दौरान राजीव नारायण मिश्रा ने साइबर क्राइम मामले में बड़ी रिकवरी कराई। उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ऑटोमेटेड चालान प्रणाली को बढ़ावा दिया।
