नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दो करोड़ की फिरौती के लिए स्क्रैप व्यापारी के अपहरण मामले के मुख्य साजिशकर्ता को मोहम्मद वामिक को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर 20 हजार का इनाम घोषित था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था। पुलिस टीम ने करीब दो किलोमीटर तक पैदल पीछा करने के बाद उसे न्यू अशोक नगर से दबोच लिया। उस पर पहले से चोरी, डकैती और आर्म्स एक्ट के पांच मामले दर्ज हैं।
विशेष आयुक्त क्राइम ब्रांच एचजीएस धालीवाल के मुताबिक ओखला के रहने वाले निजामुद्दीन का गाजियाबाद में स्क्रैप की फैक्ट्री है। दो जनवरी की दोपहर करीब 12 बजे वह अपने घर से गाजियाबाद के लिए निकले थे। ओखला मेट्रो स्टेशन के पास पंच कार सवार तीन बदमाशों ने उन्हें वैगन-आर कार से बाहर निकाल कर अपनी कार में बैठा लिया था और कोई केमिकल सुंघा दिया था जिससे वह अर्ध-बेहोशी की हालत में आ गए थे।
रिहाई के एवज में उनके स्वजन से दो करोड़ की फिरौती मांगी
उसके बाद बदमाश उन्हें मुंबई एक्सप्रेसवे की तरफ ले जाकर रिहाई के एवज में उनके स्वजन से दो करोड़ की फिरौती मांगी थी। ना देने पर जान से मारने की धमकी दी गई। रास्ते में बदमाशों ने गाड़ियों की अदला-बदली भी की। इस दौरान एक पेट्रोल पंप पर रुकने पर कारोबारी ने बचाओ-बचाओ चिल्लाना शुरू कर दिया कार से बाहर कुद गया था। उसके बाद पीड़ित की शिकायत पर शाहीनबाग थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
जांच में पता चला था कि मोहम्मद वामिक इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार था। वह पीड़ित को पहले से जानता था और उसे पता था कि निजामुद्दीन बड़ा कारोबारी है जिससे मोटी रकम ऐंठी जा सकती है। वारदात के दिन वामिक ने अपने अन्य साथियों (नोमान, रिजवान, तैयब और अयाज खान उर्फ भूरा) के साथ मिलकर अपहरण का जाल बिछाया और टाटा पंच कार का इंतजाम किया।
अदालत ने दोनों को भगोड़ा घोषित कर दिया था
स्थानीय पुलिस पहले ही तीन आरोपितों (रिजवान, तैयब और अयाज) को गिरफ्तार कर गाड़ी बरामद कर चुकी थी, लेकिन वामिक और नोमान फरार चल रहे थे। 24 मार्च 2026 को अदालत ने दोनों को भगोड़ा घोषित कर दिया था और 27 अप्रैल को दिल्ली पुलिस ने भी इनपर 20-20 हजार का इनाम रख दिया था।
क्राइम ब्रांच के एसीपी उमेश बर्थवाल और निरीक्षक योगेश कुमार की टीम को सूचना मिली कि वामिक न्यू अशोक नगर इलाके में आने वाला है। पुलिस टीम ने वहां से उसे दबोच लिया। वह गाजियाबाद का रहने वाला है। 2018 में आर्थिक तंगी के कारण वह जरायम की दुनिया में दाखिल हुआ। उसने 2022 में वीएलसीसी से हेयर केमिकल का डिप्लोमा भी किया था और फरीदाबाद में सैलून खोला था, लेकिन घाटा होने पर बीते दिसंबर में सैलून बंद कर दिया और फिर से आपराधिक वारदातों में शामिल हो गया था।
