नोएडा में घरेलू कनेक्शन से चार्ज हो रहे ईवी, बढ़ रहा हादसों का खतरा

News Desk
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 नोएडा। शहरी लोग ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) की ओर बढ़ रहे हैं। जबकि, ईवी के शौकीन चार्जिंग कनेक्शन नहीं ले रहे हैं। जिले में 621 ईवी चार्जिंग कनेक्शन हैं। लोग घरेलू कनेक्शन की आड़ में ईवी को चार्ज हो रहे हैं।

सोसायटियां, गांव, रिक्शा स्टैंड पर ईवी चार्जिंग के इंतजाम सुरक्षात्मक नहीं दिखे। निठारी गांव में एक छोटे से परिसर में 50 से ज्यादा ई-रिक्शा एक साथ चार्ज होते दिखे। घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में सैकडों परिवार रहते हैं। परिसर में बच्चे खेल रहे थे।

तारों के जाल के पास ओवरलोड प्लग और पास में अन्य गाडियां , ओवरलोडेड प्लग, पास में खड़ी अन्य गाड़ियां दूसरों के लिए खतरा बन रहा है। एक कनेक्शन की आड़ में सैकड़ों रिक्शा घरेलू लाइन से चार्ज होते मिले।

जिले की कई सोसायटियों में ईवी चार्जिंग प्वाइंट नहीं हैं। लोगों ने घरेलू लोड बढ़वा लिया, लेकिन पर्याप्त जगह और सुरक्षित वायरिंग का इंतजाम नहीं। लोग अपने फ्लैट के बाहर या पार्किंग में तार खींचकर गाड़ी चार्ज कर रहे हैं।

पास में खड़े पेट्रोल डीजल वाहनों के बगल में ईवी वाहन चार्ज हो रहे हैं। निगम के मुताबिक नौ डिवीजन में सिर्फ 621 ईवी चार्जिंग प्वाइंट के लिए कनेक्शन दिए गए हैं।

ईवी चार्ज के दौरान लगी आग से दो की हुई थी मौत

बीते दिनों मामूरा के एक पीजी की पार्किंग में ई-स्कूटी की बैटरी चार्जिंग के दौरान फट गई थी। बैटरी फटने से लगी आग की चपेट में एक दर्जन से अधिक वाहन आ गए। बिल्डिंग का ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह आग से घिर गया।

अग्निकांड में एक युवक और युवती की मौत हो गई थी। घटना के बाद भी शहर में ईवी चार्जिंग के ढांचे को मजबूत और सुरक्षित नहीं किया गया।

विद्युत सुरक्षा निदेशालय से लेना होता है सेफ्टी सर्टिफकेट

ईवी चार्जिंग प्वाइंट के लिए विद्युत सुरक्षा निदेशालय से सेफ्टी सर्टिफिकेट लेना होता है। निदेशालय की टीम मौके पर जांच कर इसकी अनुमति देती है। उसके बाद विद्युत निगम की ओर से कनेक्शन दिया जाता है।

नंबर गेम

जिले में कुल ईवी: 56045
ईवी कार: 14372
ई-आटो: 14002
ई-रिक्शा: 27671

ईवी घरेलू कनेक्शन से चार्ज होने पर लोड बढ़ता है। तीन बार लोड अधिक बढ़ने पर निगम खुद उपभोक्ता का लोड़ बढा देता है। सोसायटी परिसर या कमर्शियल गतिविधियों में थोडी परेशानियां हैं। अधिक सोसासटियाें में सिंगल प्लाइंट आपूर्ति होने की वजह से एक घर का लोड दर्ज नहीं हो पता है।

उमेश कुमार यादव, अधीक्षण अभियंता, पीवीवीएनएल

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