बेटे के लिए छोड़ी नौकरी, उसी ने तोड़ी हड्डी! मैनपुरी के 80 वर्षीय बुजुर्ग की दर्दनाक कहानी

News Desk
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नोएडा। मैनपुरी के खरपरी मोहल्ले में रहने वाले 80 वर्षीय वीरेंद्र सिंह ने अपने इकलौते बेटे राजपाल सिंह के होने पर वर्षाें पहले मिठाई बांटी थी।

पत्नी की मौत के बाद पहले फौज और फिर अमीन की नौकरी तक छोड़ दी। ताकि बेटे की अच्छे से परवरिश करें और उसको पढ़ा लिखाकर काबिल बना सकें। बेटा उनके बुढ़ापे की लाठी बने, लेकिन बेटा बुजुर्ग के बुढ़ापे का सहारे बनने बजाए हैवान बन गया।

बेटे ने पहले बुजुर्ग की जमा पूंजी खत्म कराई। पिछले दिनों डरा धमकाकर बुजुर्ग से घर भी पोते के नाम करा दिया। बुजुर्ग को बोझ समझकर यातनाएं देने लगे। पिछले सप्ताह उल्टे पैर के जांघ की हड्डी तोड़कर बुजुर्ग को कमरे में बंद कर दिया।

बुजुर्ग की हालात देख पैरों तले खिसकी जमीन

ग्रेटर नोएडा में रहने वाली बेटी और दिल्ली में रहने वाला नाती बुजुर्ग से छह सितंबर को बुजुर्ग से मिलने मैनपुरी गए। बुजुर्ग को बिना पंखे के कमरे में बंद और दर्द से कराहते देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

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उन्होंने बुजुर्ग का अस्पताल में उपचार कराया तो पता चला कि उनके जांघ की हड्डी ही टूटी पड़ी है। वहां पर चिकित्सकों के हाथ खड़े करने पर वह सात सितंबर को बुजुर्ग को अपने साथ नोएडा ले आए। यहां पर उपचार करा रहे हैं।

बुजुर्ग के नाती अभिषेक ने बताया कि उनके बुजुर्ग नाना के जांघ की हड्डी गिरक नहीं टूटी हैं। वह प्रहार करने से टूटी है। नोएडा सेक्टर 39 स्थित जिला अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। बुजुर्ग होने के चलते चिकित्सकों ने सर्जरी कराने से मना कर दिया है।

वह जिला फिलहाल अस्पताल में चिकित्सकों की देखरेख में उपचार करा रहे हैं। उनका प्रयास है कि दिल्ली के एम्स या किसी अच्छे अस्पताल में बुजुर्ग का उपचार कराया जाए।

आरोपियों पर की कार्रवाई की मांग 

अभिषेक का कहना है कि आरोपितों राजपाल और उनके बेटे ने बुजुर्ग को बहुत परेशान किया है। उन्होंने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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