ग्रेटर नोएडा के ईवी चार्जिंग स्टेशन सुरक्षित? दिल्ली बस हादसे के बाद बढ़ी चिंता

News Desk
2 Min Read

ग्रेटर नोएडा। दिल्ली के सोनिया विहार में एक अधिकृत ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन पर चार्जिंग के दौरान एक इलेक्ट्रिक बस में अचानक लग गई। शहर में मानकों के अनुरूप चार्जिंग स्टेशन लगा या नहीं लोगों की चिंता बढ़ गई है।

वहीं अधिकारियों का कहना है कि शहर में खाली जगहों पर मानकों के अनुरूप ईवी चार्जिंग स्टेशन बने हैं। तभी उन्हें हरी झंडी दी गई है। ईवी चार्जिंग स्टेशनों में सभी निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित किया गया है।

एनपीसीएल व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के संयुक्त प्रयास से स्थापित किए जा रहे इन स्टेशनों पर फास्ट और स्लो चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

कई सुरक्षा सुविधाओं से लैस हैं चार्जिंग स्टेशन

अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक स्टेशन पर 60 किलोवाट से 120 किलोवाट तक के फास्ट चार्जर और दोपहिया व थ्री व्हीलर के लिए के लिए स्लो चार्जिंग प्वाइंट लगाए गए हैं। साथ ही अग्निशमन, सुरक्षा घेरा, सीसीटीवी और साइनेज जैसी जरूरी व्यवस्थाएं भी की गई हैं।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि खाली स्थानों के चयन में पहुंच मार्ग, पार्किंग और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है। सिटी पार्क, कासना बस डिपो समेत 130 मीटर रोड तिलपता के समीप चार्जिंग प्लाजा हाई कैपेसिटी चार्जिंग जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।

यहां एक साथ चार इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज करने की क्षमता है। इससे पहले एनपीसीएल नालेज पार्क टू स्थित एक्सपोमार्ट, नालेज पार्क तीन, अल्फा वन में ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर चुकी है।

ये है एनपीसीएल द्वारा लगाए गए चार्जिंग स्टेशनों के मानक 

भारत सरकार द्वारा तय मानकों के हिसाब से लगाए जा रहे चार्जिंग स्टेशन

-120 किलो वाट सेे 60 किलोवाट के फास्ट चार्जर लगाए जा रहे साथ ही दो पहिया व थ्री व्हीलर के लिए स्लो चार्जिंग का भी विकल्प दिया जा रहा
-एक चार्जिंग स्टेशन पर छह चार्जिंग प्वाइंट दिए जा रहे
-टिलपटा प्लाजा में चार बस एक साथ चार्ज होने की सुविधा

Share This Article
Leave a Comment