ईडी ने अवैध बालू खनन मामले में बिहार, झारखंड और बंगाल में छापेमारी के दौरान कुल डेढ़ करोड़ नगद सहित 11 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए हैं। एजेंसी ने अलग-अलग बैंकों में जमा आरोपियों के 6 करोड़ रुपए और 60 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है। दस्तावेजों और डिजिटल सामग्री को आगे की जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
अवैध बालू खनन मामले की जांच
सनद रहे कि ईडी बिहार पुलिस द्वारा दर्ज विभिन्न एफआईआर के आधार पर अवैध बालू खनन मामले की जांच कर रही है। इस दौरान एजेंसी ने ब्रॉडसन कमोडिटीज प्राइवेट लिमिटेड और आदित्य मल्टीकॉम प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों, चार्टर्ड एकाउंटेंट्स और अन्य सहयोगियों के पटना, धनबाद, हजारीबाग और कोलकाता स्थित 27 ठिकानों पर छापेमारी की थी। आरोप है कि इन कंपनियों और उससे जुड़े लोगों ने विभागीय प्री-पेड परिवहन ई-परिवहन का उपयोग किए बिना अवैध रेत खनन और इसकी बिक्री कर बड़े पैमाने पर मनी लांड्रिंग की है।
250 करोड़ रुपये के राजस्व की भारी हानि
खनन प्राधिकरण, बिहार की ओर से जारी चालान से करीब 250 करोड़ रुपये के राजस्व की भारी हानि हुई है। छापेमारी के दौरान नकदी, आपत्तिजनक दस्तावेज जैसे खरीदी गई संपत्तियों की बिक्री के दस्तावेज,कंपनियों और उनके निदेशकों के नाम पर एफडीआर की खोज हुई है। दोनों कंपनियां कोलकाता के पते पर रजिस्टर्ड हैं और बिहार में पटना, भोजपुर, औरंगाबाद, सारण, रोहतास और कैमूर में बालू खनन का काम करती रही हैं।
