ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बने-बनाए फ्लैटों को भी खरीदार नहीं मिल रहे हैं। ई-नीलामी के जरिए बृहस्पतिवार को 90 फ्लैटों में से मात्र पांच फ्लैटों के लिए ही बोली लगी।
आरक्षित मूल्य से एक फीसदी अधिक पर इनका आवंटन कर दिया जाएगा। कई बार तिथि बढ़ाने के बावजूद योजना में लोगों ने रुचि नहीं दिखाई। प्राधिकरण ने जनवरी में सेक्टर ओमिक्रान-1ए में 83 वर्ग मीटर वाले 90 फ्लैटों की योजना निकाली थी।
इनका कार्पेट एरिया 83.38 वर्ग मीटर और सुपर एरिया 104.70 वर्ग मीटर है। आरक्षित मूल्य 73.23 लाख से 74.35 लाख रुपये तक रखा गया था। सर्वाधिक बोली लगाने वाले को फ्लैट आवंटित किया जाना था। लेकिन योजना को लेकर शुरू से ही सुस्ती रही।
कई बार बढ़ाई अंतिम तिथि
प्राधिकरण ने कई बार आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई, फिर भी केवल पांच लोगों ने ही आवेदन किया। इस सोसायटी में पहले कुछ फ्लैट आवंटित हो चुके हैं, जबकि करीब 350 फ्लैट अभी भी खाली पड़े हैं। सीईओ एनजी रवि कुमार ने संपत्ति विभाग को रिक्त फ्लैटों का जल्द आवंटन करने के निर्देश दिए हैं।
बृहस्पतिवार को हुई ई-नीलामी में पांचों आवेदकों ने हिस्सा लिया। नियमों के अनुसार आरक्षित मूल्य से एक प्रतिशत अधिक राशि पर उन्हें फ्लैट दे दिए जाएंगे। प्राधिकरण के अधिकारियों का मानना है कि ऊंची कीमत और लोकेशन के कारण खरीदार आगे नहीं आ रहे हैं।
अब प्राधिकरण इन बचे फ्लैटों के लिए नई रणनीति पर विचार कर रहा है ताकि खाली पड़े फ्लैटों को बेचा जा सके।
