पूर्वी दिल्ली। मौजपुर स्थित प्ले स्कूल में साढ़े तीन साल के बच्चे के साथ मारपीट के मामले पुलिस ने प्रधानाचार्य नीलम से पूछताछ की। पुलिस ने पूछा कि वह प्रधानाचार्य है, बच्चे को शिक्षिका व आया पीट रही थी तो उन्होंने क्या कार्रवाई की।
इस पर प्रधानाचार्य ने कहा, गलती हुई है। कक्षाओं में क्या हो रहा था, वह इस पर ध्यान नहीं दें सकीं। मामला सामने आने पर प्रबंधन ने शिक्षिका व आया को नौकरी से निकाल दिया था। पूछताछ के बाद प्रधानाचार्य को छोड़ दिया है।
साथ ही यह भी कहा है जब भी पुलिस पूछताछ के लिए बुलाएगी उन्हें थाने आना होगा। हालांकि आरोपित शिक्षिका और निदेशक को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
शिक्षिका और निदेशक की तलाश में जुटी पुलिस
बच्चे को थप्पड़ मारने वाली शिक्षिका सिमरन व निदेशक पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। शिक्षिका का फोन भी बंद है। शिक्षिका अपने परिवार के साथ फरार है। उसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। वह अभी पकड़ में आ नहीं सकी है।
स्कूल की निदेशक सुनीता बंसल को भी पुलिस ने जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया हुआ है। वह भी एक से दो दिन में थाने पहुंचकर जांच में शामिल हो सकती हैं।
बच्चे के अभिभावक ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम को चाइल्ड कमेटी की टीम उनके घर पर आई थी। उन्होंने बच्चे की काउंसलिंग की थी। सोमवार को टीम फिर से काउंसलिंग के लिए घर आएगी। वहीं अभिभावक को मनोचिकित्सक ने सलाह दी है कि बच्चे को लेकर वह कुछ दिनों के लिए पहाड़ी क्षेत्र में चले जाएं।
बच्चे का वातावरण बदलेगा तो उसके मन से पिटाई का डर निकलेगा। जाफराबाद थाना पुलिस ने इस मामले में पाक्सो व मारपीट की धारा में चार लोगों पर नामजद केस दर्ज किया था। इस मामले में आया पूजा को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
स्कूल हुआ सील, अभिभावक बोले हमारा क्या कसूर
प्ले स्कूल में 300 विद्यार्थी पढ़ते हैं। स्कूल सील होने से ये विद्यार्थी घर बैठ गए हैं। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन से सवाल किया कि उनके बच्चों का क्या कसूर है जो उनके जीवन को बर्बाद किया जा रहा है।
दाखिले के वक्त स्कूल ने दावा किया था स्कूल के पास सभी विभागों की अनुमति है। दाखिला के लिए 15 हजार रुपये, वर्दी व खाने के लिए अलग से शुल्क वसूला जाता है। स्कूल सील होने से बच्चे घर बैठ गए हैं।
प्रबंधन यह बताने को तैयार नहीं है कि स्कूल वापस खुलेगा या नहीं। अगर नहीं खुलता है तो यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को किस स्कूल में स्थानांतरित किया जाएगा। इससे अभिभावक परेशान हैं।
