साहिबाबाद (गाजियाबाद)। विद्युत निगम ने मल्टी प्वाइंट कनेक्शन पर संचालित जिले की 20 सोसायटियों की एओए, आरडब्ल्यूए और बिल्डर को ड्युअल सोर्स ड्युअल रजिस्टर (डीएसडीआर) मीटर लगवाने के लिए नोटिस जारी किए हैं।
इन सोसायटियों में अभी की-पेड या फिर टोकन आधारित पुराने मीटर लगे हुए हैं। इन मीटरों को आनलाइन ड्युल रजिस्टर प्रीपेड मीटर में बदला जाएगा। इन्हें लगने से मेंटेनेंस और बिजली का हिसाब-किताब अलग-अलग रहेगा। वहीं, सोसायटी का रखरखाव करने वाले इसका विरोध कर रहे हैं।
सोसायटियों को जारी नोटिसों में पीवीवीएनएल के 10 फरवरी के आदेश का हवाला भी दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक इन सोसायटियों में मेंटेनेंस बिजली के मीटर से ही काटा जा रहा है। यानी बिजली और मेंटेनेंस शुल्क के लिए एक ही रिचार्ज होता है।
इससे सोसायटियों के पास बिजली और मेंटेनेंस का हिसाब अलग-अलग नहीं होता है। कई बार फ्लैट आवंटी एओए पर गलत तरीके से वसूली के आरोप भी लगाते हैं। इसकी तमाम शिकायतें विद्युत निगम और डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय में आती हैं। विद्युत निगम के अधिकारियों का कहना है कि ड्युअल रजिस्टर मीटरों के लगने से सोसायटियों में मेंटेनेंस और बिजली उपयोग के लिए अलग-अलग रिचार्ज करना होगा। इसके लिए मीटर के दो अकाउंट नंबर भी होंगे।
मेंटेनेंस बकाया होने पर नहीं काट सकेंगे बिजली
विद्युत निगम के अधिकारियों का कहना है कि इन मीटरों के लगने पर सोसायटी के फ्लैट मालिकों को बड़ा लाभ मिलेगा। अगर किसी फ्लैट मालिक पर मेंटेनेंस शुल्क बकाया है तो सोसायटी का रखरखाव करने वाली संस्था बिजली नहीं काट सकेगी। वहीं, सोसायटी की एओए व आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का कहना है कि इससे सोसायटी का रखरखाव में परेशानी आएगी। क्योंकि काफी लोग मेंटेनेंस शुल्क नहीं देते हैं, बिजली कटने के डर से ही जमा करते हैं।
410 में से 55 सोसायटी ही मल्टी प्वाइंट पर संचालित
जिले में करीब 410 ग्रुप हाउसिंग सोसायटी हैं। इनमें से 55 सोसायटी ही मल्टी प्वाइंट कनेक्शन पर संचालित हैं। इनमें से 35 में पहले से ही ड्युअल रजिस्टर मीटर लगे हुए हैं। बाकी 355 सोसायटी सिंगल प्वाइंट कनेक्शन पर संचालित हैं। इन सोसायटी में एक कनेक्शन लेकर फ्लैट मालिकों को बिजली वितरित की जा रही है। विद्युत निगम का नियम है कि अगर किसी सोसायटी में 51 प्रतिशत लोग मल्टी प्वाइंट कनेक्शन चाहते हैं तो वहां सिंगल प्वाइंट को मल्टी प्वाइंट में बदल दिया जाता है।
हमारा उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखना है। डीएसडीआर मीटर लगने से फ्लैट मालिकों को काफी राहत मिलेगी। मीटरों में जो पहले से राशि होगी वह नये मीटरों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
– अमित झा, अधिशासी अभियंता (कमर्शियल), विद्युत निगम।
