नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कुख्यात गैंग्सटर दविंदर सिंह बंबीहा-कपिल सांगवान उर्फ नंदू गिरोह को हथियार सप्लाई करने वाले दो कुख्यात हथियार तस्कर को सोमवार देरी रात मयूर विहार के पास मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार बदमाशों में वसीम ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान जाफराबाद में दिल्ली पुलिस के हवलदार दीपक दहिया पर पिस्टल तानने वाले शाहरुख पठान को भी हथियार मुहैया कराया था।
विशेष आयुक्त, क्राइम ब्रांच, हरगोविंद सिंह धालीवाल के मुताबिक 24 अगस्त की रात डीसीपी संजीव यादव को सूचना मिली कि बंबीहा-नंदू गिरोह को हथियार मुहैया कराने वाले दो बदमाश मयूर विहार फ्लाईओवर, सर्विस रोड से अक्षरधाम की ओर आने वाले हैं।
बदमाशों ने पुलिस टीम पर की फायरिंग
एसीपी संजय कुमार नागपाल, इंस्पेक्टर मान सिंह और सुंदर गौतम की टीम ने रात करीब 12 बजे टैप लगाकर वाहनों की जांच शुरू कर दी। एक संदिग्ध मारुति स्विफ्ट कार को आते देख पुलिस टीम ने जब चालक को रुकने का इशारा किया तब बदमाशों ने पुलिस टीम पर पिस्टल तानकर फायरिंग कर दी।
पुलिस टीम के हवलदार रबीश और सिपाही दीपक ने भी हवाई फायरिंग करते हुए दोनों को दबोच लिया। पकड़े गए बदमाशों में वसीम उर्फ हाजी वसीम, मेरठ और मोहम्मद मजीद उर्फ अरमान, सीलमपुर का रहने वाला है। इनके कब्जे से एक सेमी आटोमैटिक पिस्टल, तीन कारतूस, दो खोखा व तस्करी में इस्तेमाल यूपी नंबर की स्विफ्ट कार जब्त कर ली गई।
16 अगस्त को छावला के दीनपुर गांव में उमेद सिंह नामक व्यक्ति के घर पर हुई फायरिंग के लिए वसीम और मजीद ने ही शूटरों (हरमनजीत सिंह और हर्षदीप सिंह) को हथियार दिए थे।
यह फायरिंग कपिल सांगवान गिरोह और बल्लू पहलवान (मर चुके) परिवार के बीच पुरानी रंजिश के तहत कराई गई थी। वसीम कनाडा में बैठे गैंग्सटर देवेंद्रपाल सिंह उर्फ गोपी लाहोरिया के इशारे पर काम कर रहा था। 27 जनवरी को सीलमपुर के के-ब्लाक में हुई तारिक हसन की हत्या में भी वसीम ने ही हथियार सप्लाई किया था।
दिसंबर 2025 में आया था जेल से बाहर
वसीम के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के पहले के पांच से अधिक दर्ज मामले दर्ज हैं। 2020 में दिल्ली दंगे के दौरान जाफराबाद में हवलदार दीपक दहिया पर पिस्टल तानने वाले शाहरुख पठान को हथियार इसी ने दिया था। यह दिसंबर 2025 में रोहिणी जेल से जमानत पर बाहर आया था।
मजीद पर 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज (हत्या का प्रयास, लूट, झपटमारी, आर्म्स एक्ट) हैं। यह पहले आटो चालक और मोबाइल रिपेयरिंग का काम करता था। 24 अप्रैल को यह भी जमानत पर जेल से बाहर आया था।
