
नई दिल्ली। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में एक बड़े घटनाक्रम के तहत रामायण प्रसाद गुप्ता को दक्षिण जाेन के मुख्य अभियंता (मेंटिनेंस) पद से हटा दिया गया है। उन्हें मुख्यालय में प्रमुख अभियंता कार्यालय के साथ संबद्ध कर दिया गया है।
उनकी जगह पर दक्षिण जोन में ही कार्यरत अधीक्षण अभियंता अमरेंद्र कुमार जालान को मुख्य अभियंता का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया है। मुख्य अभियंता के स्तर के अधिकारी को इस पद से हटाकर उनसे कनिष्ठ अधिकारी को इस की जिम्मेदारी दे दिए जाने से यह मामला विभाग में चर्चा का विषय बन गया है।
रामायण प्रसाद गुप्ता की विदाई बनी चर्चा का केंद्र
वरिष्ठ अभियंताओं के स्तर पर फेरबदल में पांच अन्य अधीक्षण अभियंताओं के कार्यभार में बदलाव किया गया है। वहीं, 18 अधिशासी अभियंताओं और तीन सहायक अभियंताओं को नई जिम्मेदारी मिली है। सरकार ने कहा कि काम में तेजी लाने के लिए ये बदलाव हुए हैं।
अधिशासी अभियंताओं और सहायक अभियंताओं के तबादले के मामले पर जाएं ताे कुछ अभियंता केंद्रीय लोक निर्माण विभाग से आए हैं, कुछ पीडब्ल्यूडी ने वापस केंद्रीय लोक निर्माण विभाग गए हैं, ऐसे में भी फेरबदल हुआ है। मगर चर्चा का केंद्र रामायण प्रसाद गुप्न्ता को पद सेे हटाया जाना है।
गुप्ता को हटाने का कारण कार्य में शिथिलता माना जा रहा है। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विभिन्न कार्यों के लिए टेंडर हाेने हैं, उनमें देरी हो रही थी, उन पर ठीक से काम नहीं हो रहा था। हालांकि गुप्ता के शुभचिंतक ऐसा नहीं मान रहे हैं।
इनके अलावा शानुभूति अशोक को अधीक्षण अभियंता (पूर्व) से निदेशक (कार्मिक) की जिम्मेदारी दी गई है। अरविंद कुमार सिंह को निदेशक (कार्य) के साथ अधीक्षण अभियंता (पूर्व) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
रोहित मीना को अधीक्षण अभियंता उत्तर पश्चिम के साथ अधीक्षण अभियंता शाहदरा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं राजेंद्र सिंह राठौर को अधीक्षण अभियंता शाहदरा से अधीक्षण अभियंता उत्तर पश्चिम बनाया गया है और उन्हें निदेशक बागवानी का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
