ग्रेटर नोएडा। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने सोमवार को कलक्ट्रेट में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति और समीक्षा समिति की बैठक की। उन्होंने कहा कि जिले की आर्थिक प्रगति में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। बैंक अधिकारियों को शासन की सभी ऋण योजनाओं में पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक समूह को ऋण मिलने से लगभग 10 महिलाओं के परिवार की आजीविका सशक्त होती है। इसलिए, बैंक को इन समूहों के ऋण प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करना चाहिए।
सीएम युवा स्वरोजगार योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि स्वरोजगार को बढ़ावा देने से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। बैठक में जनपद का क्रेडिट-डिपाजिट (सीडी) रेशियो 58.01 प्रतिशत रहने पर असंतोष व्यक्त किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन बैंकों का सीडी रेशियो कम है, उनके संबंध में संबंधित रीजनल मैनेजर को पत्र भेजा जाए और सभी रीजनल हेड के साथ बैठक आयोजित की जाए।
उन्होंने फसल बीमा योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना, और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना तथा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना सहित वित्तीय समावेशन की सभी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा बैंक आने वाले प्रत्येक पात्र ग्राहक को इन योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेटर की अनुपस्थिति पर असंतोष व्यक्त करते निर्देशित किया कि इस संबंध में शासन एवं वित्त विभाग को अवगत कराया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि आगामी बैठक में सभी संबंधित डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेटर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, प्रभारी जिला विकास अधिकारी एवं जिला परियोजना निदेशक डीआरडीए नेहा सिंह, एजीएम (एलडीओ) जेएस कालरा, उपयुक्त उद्योग पंकज निर्वाण, अग्रणी जिला प्रबंधक राम विनोद कुमार, विभिन्न बैंकर्स तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
