नई दिल्ली: दिल्ली राज्य अल्पसंख्यक आयोग के गठन के करीब 26 साल बाद पहली बार किसी गैर-मुस्लिम को इसकी कमान सौंपी गई है. भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्वी दिल्ली नगर निगम के पूर्व महापौर निर्मल जैन को आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य सभी अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और उनके कल्याण के लिए सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा.
निर्मल जैन ने कहा कि दिल्ली राज्य अल्पसंख्यक आयोग केंद्र और दिल्ली सरकार की नीतियों के अनुरूप कार्य करेगा. उन्होंने कहा कि आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी अल्पसंख्यक समुदाय को यह महसूस न हो कि वह विकास की दौड़ में पीछे है. उनके मुताबिक मुस्लिम, ईसाई, सिख, जैन और पारसी समुदाय समेत सभी मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक वर्गों के हितों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए लगातार काम किया जाएगा. इसके लिए आयोग समुदायों के साथ संवाद बढ़ाएगा और उनकी जरूरतों के अनुसार योजनाओं को लागू कराने का प्रयास करेगा.
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के सवाल पर निर्मल जैन ने कहा कि ये केवल अल्पसंख्यक समुदाय के मुद्दे नहीं हैं, बल्कि पूरे देश के नागरिकों से जुड़े विषय हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार इन क्षेत्रों में लगातार काम कर रही हैं और आयोग भी इन प्रयासों को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएगा. उनका कहना था कि सभी नागरिकों को समान अवसर मिलना सरकार की प्राथमिकता है.
आयोग के बजट और फंडिंग को लेकर पूछे गए सवाल पर निर्मल जैन ने कहा कि उन्होंने अभी कार्यभार संभाला है, इसलिए फिलहाल इस संबंध में विस्तृत जानकारी उनके पास नहीं है. उन्होंने कहा कि आयोग के बजट, वार्षिक योजनाओं और वित्तीय व्यवस्था का अध्ययन करने के बाद ही इस विषय पर स्पष्ट रुख सामने रखा जाएगा.
निर्मल जैन ने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका पूरी निष्ठा से निर्वहन करेंगे. उन्होंने कहा कि उनकी कोई व्यक्तिगत आकांक्षा नहीं है और आयोग के माध्यम से केंद्र तथा दिल्ली सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर सभी अल्पसंख्यक समुदायों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी.

