नई दिल्ली- दिल्ली में हुए विस्फोट मामले की पड़ताल कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को बड़ी सफलता मिली है। स्पेशल एनआईए कोर्ट ने आरोपी आमिर रशीद अली की रिमांड अवधि को सात दिन और बढ़ाने की अनुमति दे दी है। सोमवार को उसकी शुरुआती दस दिन की हिरासत पूरी होने पर एनआईए उसे कोर्ट में पेश कर आगे की रिमांड की मांग कर रही थी।
16 नवंबर को की गई थी गिरफ्तारी
एनआईए ने 16 नवंबर को आमिर को गिरफ्तार किया था। एजेंसी का कहना है कि उससे अभी कई अहम जानकारी हासिल की जानी बाकी है, इसलिए विस्तृत पूछताछ के लिए अतिरिक्त रिमांड जरूरी है। शुरुआती पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग सामने आए हैं।
एजेंसी के अनुसार, जिस कार का इस्तेमाल आत्मघाती हमलावर ने धमाके में किया था, वह आमिर के नाम पर पंजीकृत पाई गई। जांचकर्ताओं को शक है कि उसने हमलावर के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाने में भूमिका निभाई थी।
कई राज्यों में तलाश के बाद गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस से मामला अपने हाथ में लेने के बाद एनआईए ने देशभर में छापेमारी की थी। लंबे खोज अभियान के बाद आरोपी को दिल्ली से ही पकड़ा गया।
डॉ. उमर की भूमिका पर भी बड़ा खुलासा
जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच में सामने आया कि डॉ. उमर नबी पिछले वर्ष से ही आत्मघाती हमलावर की तलाश में था। दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड से गिरफ्तार किए गए जसीर ने पूछताछ में यह जानकारी साझा की थी।
इसके साथ ही जांच एजेंसियों ने डॉ. उमर, डॉ. मुजम्मिल गनई और डॉ. शाहीन से जुड़े 20 लाख रुपये के हवाला नेटवर्क का भी पता लगाया है। सूत्रों के मुताबिक यह रकम जैश-ए-मोहम्मद के एक हैंडलर द्वारा भेजी गई बताई जा रही है।

