नई दिल्ली- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर स्मॉग की मोटी परत छा गई है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया है। शहर के अधिकतर हिस्सों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘बहुत खराब’ से ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट बताती है कि आईटीओ, गाजीपुर, आनंद विहार और धौला कुआं जैसे पॉइंट लगातार खतरनाक सीमा पार कर रहे हैं।
सुबह के समय शहर की तस्वीरें बता रही थीं कि स्मॉग ने दिल्ली को फिर धुंध के घेरों में बंद कर दिया है। दृश्यता कम होने के कारण सड़क पर चलना और सफर करना लोगों के लिए चुनौती बन गया। कई लोग मास्क पहनकर ही घरों से बाहर निकले।
प्रमुख इलाकों में AQI का स्तर इस प्रकार रहा:
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आईटीओ – 345
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गाजीपुर – 358
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आनंद विहार – 358
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धौला कुआं – 372
शुक्रवार सुबह दिल्ली-एनसीआर में धुंध और हल्के कोहरे की परत ने दिनभर परेशानी बढ़ाए रखी। प्रदूषण बढ़ने से खासकर अस्थमा, एलर्जी व फेफड़ों के मरीजों की तकलीफ में इज़ाफ़ा हुआ। शहर की हवा का औसत AQI 369 रिकॉर्ड किया गया, जो बृहस्पतिवार की तुलना में और गिरावट दर्शाता है।
एनसीआर के अन्य शहरों में भी हालात गंभीर नजर आए।
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नोएडा – 388 (सबसे प्रदूषित)
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ग्रेटर नोएडा – 378
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गाजियाबाद – 347
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गुरुग्राम – 320
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फरीदाबाद – 190 (मध्यम श्रेणी)
सीपीसीबी के अनुसार, शुक्रवार को हवा की गति उत्तर-पश्चिम दिशा में लगभग 5 किमी/घंटा रही। मिश्रण गहराई 1050 मीटर और वेंटिलेशन इंडेक्स 4500 मीटर²/सेकंड दर्ज किया गया। दोपहर तक पीएम10 का स्तर 335.5 माइक्रोग्राम/क्यूबिक मीटर और पीएम2.5 192.9 माइक्रोग्राम/क्यूबिक मीटर पाया गया—जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है।
अगले कुछ दिनों के लिए पूर्वानुमान अनुकूल नहीं है। सोमवार तक हवा का स्तर ‘बेहद खराब’ श्रेणी में ही रहने की संभावना है।
दिल्ली के अन्य प्रदूषित स्थानों में यह स्तर दर्ज हुआ:
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द्वारका सेक्टर-8 – 419
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रोहिणी/शादीपुर – 415
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जहांगीरपुरी – 414
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नेहरू नगर – 413
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मुंडका – 412
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पंजाबी बाग – 403
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अशोक विहार – 400
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बवाना – 396
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वजीरपुर – 392
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चांदनी चौक – 391
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण बढ़ने से आंखों में जलन, सिरदर्द और सांस लेने में दिक्कत की शिकायतें बढ़ सकती हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
