AI का खतरनाक इस्तेमाल: जयपुर में नाबालिग लड़की की छवि के साथ छेड़छाड़ कर बनाई गई अश्लील विडियो

Amit
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ऑनलाइन गेमिंग से शुरू हुई बातचीत बदली साइबर शोषण में; पुलिस ने दो युवकों को किया गिरफ्तार, एक नाबालिग को सुधारगृह भेजा गया

जयपुर। जयपुर के एक प्रतिष्ठित इलाके की किशोरी को उस वक्त गहरा मानसिक आघात झेलना पड़ा जब कुछ युवकों ने उसकी सोशल मीडिया तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर एक अश्लील वीडियो तैयार किया। इस वीडियो में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग करते हुए छात्रा को और उसके परिवार को बदनाम किया गया।

यह अपराध महज पेशेवर साइबर अपराधियों का नहीं था—इसके पीछे एक स्कूल और एक कॉलेज का छात्र था। दोनों ने फर्जी अकाउंट बनाकर छात्रा को ब्लैकमेल करना शुरू किया।

पीड़िता की इन युवकों से पहचान एक गेमिंग ऐप पर हुई। शुरुआत में बातचीत सामान्य थी, लेकिन एक ऑनलाइन बहस के बाद दोनों आरोपियों ने बदला लेने की ठानी। इसके बाद पीड़िता को धमकी भरे अश्लील संदेश मिलने लगे, जिसमें उसे निजी तस्वीरें और वीडियो भेजने का दबाव डाला गया।
लगातार ब्लैकमेलिंग से परेशान छात्रा ने स्कूल और कोचिंग जाना बंद कर दिया। माँ को जब फोन में यह सब पता चला, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता की माँ को भी डराने-धमकाने की कोशिश की।

आरोपियों ने इंस्टाग्राम से तस्वीरें चुराकर, AI टूल्स से फर्जी वीडियो तैयार किया और लड़की के परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर उसे वायरल कर दिया। पीड़िता ने कई अकाउंट ब्लॉक किए, लेकिन आरोपी बार-बार नए अकाउंट बनाकर उसे परेशान करते रहे।

साइबर सेल की जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग राज्यों—दिल्ली, पंजाब और गुजरात से सक्रिय थे। तकनीकी डाटा एनालिसिस से उनकी लोकेशन का पता लगाया गया। मुख्य आरोपी को गुजरात के वापी से पकड़ा गया, जबकि दूसरा आरोपी वंश राणा (20) जयपुर से गिरफ्तार हुआ।
POCSO कोर्ट ने दोनों की जमानत खारिज करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में रिहाई समाज और पीड़िता की मानसिक स्थिति पर गलत असर डाल सकती है। नाबालिग को सुधार गृह भेजा गया है और वंश को न्यायिक हिरासत में जेल।

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