नई दिल्ली। उत्तर-भारत का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर व यमुनापार का गैंग्सटर सलीम उर्फ पिस्टल को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के जरिये पाकिस्तान से विदेशी हथियार व कारतूस मंगाकर उसे देश के तमाम बड़े गैंग्सटरों को बेचने और कुख्यात अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर शाहबाज अंसारी सिंडिकेट का सहयोगी होने के कारण उसे गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया
शेख सलीम उर्फ ”सलीम पिस्टल” को पिछले साल नौ अगस्त को भारत-नेपाल सीमा से स्पेशल सेल ने केंद्रीय एजेंसियों और नेपाल पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया था। तब से वह तिहाड़ में बंद था। इसपर स्पेशल सेल व क्राइम ब्रांच में मकोका के दो केस समेत करीब 50 से अधिक संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। अब यूएपीए के केस में क्राइम ब्रांच ने इसे गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है।
हथियार खरीदने वालों पर भी लगाया यूएपीए
पुलिस अधिकारी का कहना है कि मार्च में अंसारी बंधुओं के कुछ गुर्गों के पकड़े जाने पर जांच में पता चला कि देश के तमाम बड़े गैंगसटर इसी सिंडिकेट से विदेशी हथियार खरीद रहे हैं जिससे क्राइम ब्रांच ने इसके आईएसआई से गठजो़ड़ होने पर सिंडिकेट पर ही यूएपीए लगा दिया था। उसके बाद अंसारी से हथियार खरीदने वालों पर भी यूएपीए लगाकर क्राइम ब्रांच ने उनकी गिरफ्तारी शुरू कर दी।
गैंग्स्टरों पर कसेंगे शिकंजा
मई में सबसे पहले दक्षिण जिला के कुख्यात गैंग्सटर रोहित चौधरी को यूएपीए में गिरफ्तार किया गया। उसके बाद अब सलीम काे गिरफ्तार कर लिया गया। आने वाले समय में लारेंस, गोगी, हिमांशु भाऊ, रोहित गोदारा, नीरज बवाना आदि गैंग्सटरों के खिलाफ साक्ष्य मिलने पर उनकी भी यूएपीए में गिरफ्तारी हो सकती है। गैंग्स्टरों पर पहली बार यूएपीए लगाने से इनपर सख्त शिकंजा कसा जा सकेगा।
फिर वह इस धंधे में कूद पड़ा
पुलिस अधिकारी का कहना है कि सलीम की 2008 में प्रगति मैदान में ऑटो एक्स्पो में एक पाकिस्तानी नागरिक से जान पहचान हुई थी। इसके बाद उसने ऑटो पार्ट्स लेकर पाकिस्तान जाना शुरू कर दिया था। वहां आईएसआई से उसे हथियार तस्करी करने का ऑफर दिया, जिसके बाद वह इस धंधे में कूद पड़ा। आईएसआई उसे पाकिस्तान से हथियारों की खेप नेपाल में डिलीवरी करवा देती थी इसके बाद सलीम उक्त हथियारों को भारत लाकर गैंग्सटरों को बेच देता था।
अब तक 17 आरोपितों को क्राइम ब्रांच ने दबोचा
अंसारी सिंडिकेट के अब तक 17 आरोपितों को क्राइम ब्रांच गिरफ्तार कर चुकी है, ये वो लोग हैं जो अंसारी के निर्देश पर नेपाल व अन्य जगहाें से हथियार लाकर उन्हें गंतव्य स्थान पर रखने और गैंग्सटरों को पहुंचाने का काम करते थे। सलीम पहले अंसारी के लिए ही काम करता था। बाद में उसने खुद विदेश से हथियार मंगवाकर गैंग्सटरों को आपूर्ति करना शुरू कर दिया था।
देशभर से 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया
मार्च में क्राइम ब्रांच ने देशव्यापी छापेमारी कर 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें शाहबाज का राइट हैंड सोनू गुप्ता, घनश्याम (शाहदरा), और नवाब (खुर्जा) बड़े नाम शामिल थे। इसके कुछ दिन बाद पुलिस ने एक कार को इंटरसेप्ट कर इमरान और कामरान नाम के नेपाल रूट के हैंडलर को गिरफ्तार किया था। इमरान, सरगना शाहबाज अंसारी का साला है।
अब तक इन्हें पहनाई गई हथकड़ी…
अब तक जिन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है उनमें इमरान, कामरान, सोनू गुप्ता, फर्दीन, वसीक, वसीम मलिक, अमन उर्फ अभिषेक, आदिल, राहिल, मोहम्मद अहमद, नवाब और विशाल शामिल है। इनके कब्जे से 23 विदेशी पिस्टल (जर्मनी, ब्राजील, इटली और तुर्किये निर्मित), सब-मशीन गन के अलावा मुंगेर से मंगाए गए देसी शाटगन, कट्टे, 92 कारतूस और छह स्पेयर मैग्जीन बरामद किए गए थे। साथ ही हथियारों को असेंबल करने और ठीक करने के उपकरण, कई लैपटाॅप और मोबाइल फोन बरामद किए गए थे।
दिल्ली-एनसीआर में लाकर करते थे असेंबल
यह सिंडिकेट विदेश में सेना और स्पेशल फोर्सेज द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले खतरनाक हथियार भी गैंग्सटरों को सप्लाई करता है। अंसारी के गुर्गे नेपाल से गाड़ियों के भीतर गुप्त केविटी में हथियार छिपाकर दिल्ली लाते थे ताक बार्डर चेकिंग के दौरान इन्हें पकड़ा न जा सके। कई बार हथियारों को अलग-अलग पार्ट्स में लाया जाता था और दिल्ली-एनसीआर में लाकर उन्हें असेंबल किया जाता था।

