नोएडा। नोएडा में फेज-3 थाना क्षेत्र के गढ़ी चौखंडी गांव में रहने वाले किशोर अमृत ने मंगलवार रात को 12 से सुबह 6 बजे के बीच सोते समय अपने पिता राजू की हत्या को अंजाम दिया था। उसने सिर में एक ही जगह पर कुल्हाड़ी को पांच-छह बार मारा था। इससे अत्यधिक रक्तस्त्राव हुआ था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि शाकिंग हैमरेज (हेमोरेजिक शाक) से बहुत ज़्यादा खून बहने के कारण ब्लड प्रेशर तेजी से बहुत ज़्यादा गिर गया, जिससे मौत हो गई। उसके दाहिने आंख के ऊपर सिर में मल्टीपल इंजरी और गर्दन में भी चोट आई है।
किराये के मकान में रहता था राजू
बताया गया कि ट्यूशन पढ़ाकर राजू मंगलवार रात करीब पौने नौ बजे गढ़ी चौखंडी स्थित चार मंजिला भवन के किराये के कमरे पर पहुंचे थे। वह ताला खोल कर अंदर चले गए थे। उनके वॉट्सएप का अंतिम सीन करीब पौने 11 बजे का मिला है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि राजू खाना खाने के बाद करीब 11 बजे सो गए थे।
बुधवार सुबह करीब सवा छह बजे अमृत तैयार होकर चार मंजिला भवन से निकला था। उसके कंधे पर एक बैग था। हत्या सोते समय होने के चलते साफ है कि उसने रात में छह घंटे के बीच ही अंजाम दिया था। इसके बाद ही सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन पर पहुंचा। वहां पर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी थी।
3 दिन में बाहर निकलता नहीं दिखा अमृत
घटनास्थल के भवन और उसके आसपास लगे पांच से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों को चेक किया गया। रविवार से लेकर मंगलवार के सीसीटीवी फुटेज में राजू तो आता-जाता दिखा, लेकिन अमृत एक बार भी न बाहर निकला और न ही अंदर गया था।
एडीसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि अमृत के पास से मिले दो मोबाइल के अलावा घर से भी एक और मोबाइल मिला है। तीनों मोबाइल को प्रयोगशाला भेजकर सर्चिंग, चैटिंग, कॉलिंग हिस्ट्री की जानकारी जुटाई जाएगी।
यह है मामला
झारखंड बोकारो के स्टील प्लांट के पास रहने वाले कामर्स ट्यूटर राजू शर्मा 2005 से नोएडा गढ़ी चौखड़ी गांव में किराये पर 16 वर्षीय बेटे अमृत संग रहते थे। 11 साल पहले पत्नी रूबी से तलाक होने के चलते वह साथ नहीं रहती थीं। राजू बेटे को घर से बाहर नहीं जाने देते थे। ट्यूशन पढ़ाने जाने पर बेटे को अंदर छोड़कर घर का ताला लगाकर जाते। वह न पढ़ रहा था और न कोई दोस्त था। राजू के सनकी स्वभाव से कोई रिश्तेदार संपर्क में नहीं था। पाबंदी के चलते अमृत अवसादग्रस्त हो गया था।
