लाल बाग के किशोर हत्याकांड का आरोपित अमन मुल्ला पुलिस की रडार पर, खुलेगी हिस्ट्रीशीट

News Desk
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बाहरी दिल्ली। बाहरी दिल्ली के लाल बाग इलाके में किशोर की हत्या के मामले में गिरफ्तार अमन उर्फ मुल्ला का आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

अमन के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, धमकी देने, चोरी, झपटमारी, वाहन चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट समेत कुछ अन्य मामले दर्ज हैं। लगातार आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए आदर्श नगर थाना पुलिस उसकी हिस्ट्रीशीट खोलने और रजिस्टर नंबर-10 में नाम दर्ज करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति मांगी है।

साहिब सलमानी ब्रदर गिरोह से जुड़ा है अमन मुल्ला

आदर्शनगर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जिस साहिब सलमानी ब्रदर गिरोह से अमन मुल्ला जुड़ा है। उसका नेटवर्क बाहरी दिल्ली के किन इलाकों तक सक्रिय है और अमन की इसमें क्या भूमिका रही है। आदर्शनगर, जहांगीरपुरी और आसपास के इलाकों में उसके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, अमन पुत्र सलीम, निवासी लाल बाग, आजादपुर के खिलाफ वर्ष 2021 से 2024 के बीच माडल टाउन और आदर्श नगर थानों में छह से अधिक मामले दर्ज हैं। अमन का इलाके में इतना खौफ बताया जाता है कि कई लोग उसके खिलाफ पुलिस से शिकायत करने से भी बचते थे।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, उसकी आपराधिक गतिविधियों और दबंग छवि के कारण लोग विवाद में पड़ने से डरते थे। यही वजह है कि पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखने की जरूरत बताई गई और हिस्ट्रीशीट खोलने की प्रक्रिया शुरू की गई।

रुपये मांगने की भी जानकारी मिली

वहीं, जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, अमन पर लाल बाग, आजादपुर, जहांगीरपुरी और आसपास के इलाकों में अपना दबदबा कायम करने के आरोप है। पुलिस को उसके संबंध में स्थानीय लोगों और कारोबारियों को धमकाने और संरक्षण के नाम पर कथित तौर पर रुपये मांगने की भी जानकारी मिली है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कथित वसूली और वर्चस्व की गतिविधियों में उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े थे।

हिस्ट्रीशीट खोलना पुलिस की निगरानी प्रक्रिया

हिस्ट्रीशीट खोलना पुलिस की एक निगरानी प्रक्रिया है। इसका मतलब यह होता है कि किसी ऐसे व्यक्ति का आपराधिक रिकॉर्ड और गतिविधियों का विस्तृत पुलिस रिकॉर्ड तैयार कर उसे नियमित निगरानी के दायरे में रखा जाए, जिसके बारे में पुलिस को लगता है कि वह लगातार गंभीर अपराधों में शामिल रहा है।

बता दें कि हिस्ट्रीशीट में अपराधी की पूरी कुंडली होती है। इसमें उसके दोस्तों से लेकर ज्ञात रिश्तेदारों की डिटेल भी होती है। जबकि रजिस्टर संख्या दस को बुरे चरित्रों का रजिस्टर कहा जाता है, जिसमें किसी क्षेत्र के अपराधियों, संदिग्धों और निगरानी सूची में शामिल बदमाशों का पूरा रिकार्ड दर्ज होता है।

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