दिल्ली में बढ़ेंगे ईवी चार्जिंग प्वाइंट, नई नीति में 9 हजार से 32 हजार का लक्ष्य

News Desk
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नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की नई ईवी नीति में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग प्वाइंट की संख्या 9 हजार से बढ़ाकर 32,000 करने का लक्ष्य रखा गया है। भूमि की कमी और बिजली की लगातार बढ़ती मांग के कारण इतनी बड़ी संख्या में चार्जिंग प्वाइंट स्थापित करना आसान नहीं होगा।

दिल्ली में बिजली की मांग 8,700 मेगावाट से अधिक पहुंच चुकी है। इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ बिजली की मांग में भी और वृद्धि होगी, जिससे मौजूदा बिजली नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने अधिक से अधिक सौर ऊर्जा आधारित चार्जिंग स्टेशन विकसित करने का निर्णय लिया है।

विकसित करेंगे आधुनिक ईवी चार्जर

नई ईवी नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में परिवहन मंत्री डाॅ. पंकज कुमार सिंह और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि चार्जिंग स्टेशनों के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन करने के साथ-साथ उनके निर्बाध संचालन के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। इस उद्देश्य से सौर ऊर्जा आधारित चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाने चाहिए।

फास्ट चार्जिंग तकनीक को प्राथमिकता

उन्होंने ऐसे आधुनिक चार्जिंग स्टेशन विकसित करने के निर्देश दिए, जहां सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध हो। साथ ही, वहां लोगों के बैठने, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था हो। उन्होंने फास्ट चार्जिंग तकनीक को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। वर्तमान में संचालित सभी स्लो चार्जिंग स्टेशनों को भी चरणबद्ध तरीके से फास्ट चार्जिंग स्टेशनों में परिवर्तित किया जाएगा।

इन स्थानों पर लगना अनिवार्य

मुख्यमंत्री ने दिल्ली मेट्रो की पार्किंग, नगर निगम के पार्किंग स्थलों, मेट्रो के एलिवेटेड कारिडोर के नीचे उपलब्ध खाली स्थानों, डीडीए के बाजारों के आसपास, प्रमुख माल, रेलवे स्टेशनों के बाहर, सरकारी परिसरों तथा बड़े व्यावसायिक क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की संभावनाओं पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ इस दिशा में तेजी से काम करने को कहा।

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