ग्रेटर नोएडा मदरसन कांड: सत्र न्यायालय का सख्त रुख, व्हाट्सएप-टेलीग्राम से भीड़ भड़काने के आरोपियों को जमानत देने से इनकार

News Desk
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ग्रेटर नोएडा। सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 13 अप्रैल 2026 को सेक्टर-84 स्थित मदरसन कंपनी परिसर में पुलिस बल पर हुए हिंसक हमले और आगजनी के मामले में प्रियंवदा शर्मा, प्रेरित लोधा और शिवानी कौल को अग्रिम जमानत देने से मना कर जिया।

अभियोजन के मुताबिक सभी मामले थाना फेज-2 में दर्ज हैं। प्राथमिकी के अनुसार पुलिस बल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी पर था। तभी मदरसन कंपनी के पास सैकड़ों की संख्या में मजदूर वेतन वृद्धि, ओवरटाइम और बोनस की मांग को लेकर एकत्रित हो गए और सड़क जाम कर प्रदर्शन करने लगे। थोड़ी देर बाद भीड़ ने नियंत्रण खोकर सुबह करीब साढ़े आठ बजे से रात साढ़े नौ बजे तक पुलिस बल पर लाठी-डंडों, ईंट-पत्थरों से भयंकर हमला कर दिया। इस हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस के अनुसार यह घटना 450-500 अज्ञात व्यक्तियों द्वारा पूर्व-नियोजित साजिश के तहत अंजाम दी गई।

अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि केस डायरी में सह आरोपियों मनीषा, रिचा, आकृति व अन्य के व्हाट्सऐप चैट और ऑडियो-वीडियो विश्लेषण से पता चला कि प्रियंवदा शर्मा, प्रेरित लोधा और शिवानी कौल भी आंदोलन के फोटो-वीडियो प्राप्त कर मजदूरों को भड़काने में शामिल थीं। शिवानी कौल के मामले में यह भी सामने आया कि वह टेलीग्राम चैनल पर बने बिगुल मीडिया ग्रुप की सक्रिय सदस्य थीं। दूसरी ओर आवेदकों के वकीलों ने दलील दी कि उनके मुवक्किल घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे। पुलिस के मनमाने रवैये को सोशल मीडिया पर उजागर करने के कारण उन्हें फर्जी तरीके से फंसाया है। अदालत ने अभियोजन पत्रों और केस डायरी के अवलोकन करने के बादआरोपियों को अग्रिम जमानत देने से मना कर दिया।

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