भाजपा कार्यकर्ता ने विधायक समेत कई पर लगाए बंधक बनाकर मारपीट के आरोप, पुलिस ने दर्ज किया केस

News Desk
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बाहरी दिल्ली। मुंडका से भाजपा विधायक गजेंद्र दराल और उनके सहयोगियों पर पार्टी के ही कार्यकर्ता सुनील कुमार ने बंधक बनाकर मारपीट करने, जातिसूचक शब्द कहने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

शिकायत पर कंझावला पुलिस ने विधायक समेत अन्य लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित कई अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

विधायक समेत अन्य पर एससी-एसटी एक्ट

पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। इस बीच मंगलवार को शिकायतकर्ता सुनील कुमार के साथ आप विधायक कुलदीप कुमार रोहिणी डीसीपी शशांक जायसवाल से मिले और उन्हें पुलिस की तरफ से उचित कार्रवाई का भरोसा दिया गया।

भाजपा कार्यालय बुलाकर मारपीट 

शिकायत के अनुसार, 10 सितंबर को शाम करीब 7:50 बजे विधायक गजेंद्र दराल ने वार्ड 32 मंडल अध्यक्ष सुनील कुमार को फोन कर वार्ड की वोटिंग लिस्ट लेकर कराला स्थित दीपक माथुर के भाजपा कार्यालय पहुंचने को कहा।

विधायक ने यह भी कहा कि फोन बंद न करें, क्योंकि उनकी चुनाव अधिकारी के साथ बैठक है। इसके बाद सुनील कुमार अपने साथी जय भगवान के साथ करीब 8:15 बजे कार्यालय पहुंचे। वहां दीपक माथुर, विधायक, विवेक, दीपक माथुर का भांजा अमित माथुर और चार-पांच अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

शटर और कैमरे बंद कर पीटने का आरोप

सुनील का आरोप है कि विधायक के कहने पर अमित माथुर को बुलाया गया। अमित के पहुंचते ही कार्यालय का शटर व कैमरे बंद कर दिया गया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, अमित ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया।

आरोप है कि विधायक ने भी जातिसूचक टिप्पणी करते हुए पाइप और बेल्ट से उनकी पिटाई की। आरोप लगाया गया है कि दीपक माथुर, अमित माथुर और विवेक ने उनके हाथ-पैर पकड़े और उनके शरीर के विभिन्न हिस्सों, गुप्तांग पर भी लात-घूंसों से हमला किया गया।

सुनील के मुताबिक, मारपीट के दौरान वह दो-तीन बार बेहोशी की हालत में पहुंच गए। रात में संतोष कौशिक और शालू शर्मा को चोटें दिखाई गईं, लेकिन उनके जाने के बाद फिर मारपीट किए जाने का आरोप है।

जान से मारने की धमकी का आरोप

प्राथमिकी के अनुसार, 11 सितंबर को सुबह करीब 5:15 बजे सुनील को छोड़ा गया। जाते समय कथित तौर पर धमकी दी गई कि शिकायत करने पर उनकी जान को खतरा होगा और उनके बारे में किसी को पता भी नहीं चलेगा।

पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 115(2), 127(2), 140(3), 351(2), 61(2) व 3(5), आयुध अधिनियम की धारा 25 और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(1)(आर)(एस) के तहत मामला दर्ज करते हुए जांच अधिकारी इंस्पेक्टर किशन यादव को जांच सौंप दिया। पुलिस का कहना है कि अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, घटनास्थल और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

उधर, विधायक गजेंद्र दराल ने सुनील के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें मारपीट की घटना की जानकारी नहीं है। उन्होंने इस मामले में खुद को निशाना बनाए जाने पर सवाल उठाया।

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