दिल्ली में छात्रों के लिए PPP मॉडल पर बनेंगे हॉस्टल, किराए और सुरक्षा की चिंता से मिलेगी राहत

News Desk
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नई दिल्ली: सत्य निकेतन हादसे ले बाद राजधानी दिल्ली में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए पब्लिक, प्राइवेट, पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर हॉस्टल तैयार कराने का निर्णय लिया गया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को इस योजना की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य देश के अलग-अलग कोनों से आने वाले युवाओं को रहने की चिंता से पूरी तरह मुक्त करना है, ताकि वे बिना किसी तनाव के अपनी पढ़ाई और सपनों पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें.

सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती आवास प्राथमिकता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी होने के साथ-साथ एक देशव्यापी शिक्षा का प्रमुख केंद्र भी है. हर साल देश के विभिन्न राज्यों से हजारों छात्र उच्च शिक्षा के लिए यहां आते हैं. दाखिला मिलने के बाद उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती एक सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती आवास ढूंढने की होती है. अक्सर महंगे किराए और पीजी की तलाश में विद्यार्थियों का बहुमूल्य समय और ऊर्जा बर्बाद होती है. इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है. दिल्ली सरकार के संस्थानों के अलावा अन्य कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए भी यह सुविधा सुलभ कराई जाएगी. इसके लिए उन सभी कॉलेजों का सर्वे कराया जाएगा जहां हॉस्टल निर्माण के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध है.

पीपीपी मॉडल पर होगा निर्माण, रखरखाव पर विशेष जोर

इन छात्रावासों के निर्माण में गति लाने और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इन्हें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के आधार पर भी तैयार किया जाएगा. इससे न केवल निर्माण कार्य तेजी से पूरा होगा, बल्कि हॉस्टलों का बेहतर रखरखाव और विद्यार्थियों को उच्च स्तर की आधुनिक सुविधाएं मिलना भी सुनिश्चित किया जा सकेगा. सरकार केवल कंक्रीट की इमारतें खड़ी करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वहां विद्यार्थियों की सुरक्षा, साफ-सफाई, मेस की गुणवत्ता और अन्य बुनियादी जरूरतों का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा.

स्वास्थ्य विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग समेत कई संबंधित विभागों को इस योजना से जोड़ा गया है. अंबेडकर विश्वविद्यालय, धीरपुर, जी.बी. पंत इंजीनियरिंग कॉलेज, इंदिरा गांधी अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज और दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी जैसे प्रमुख संस्थानों में पहले से ही हॉस्टल निर्माण का काम या तो चल रहा है या फिर प्रस्तावित है.

मुख्यमंत्री ने अभिभावकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार ऐसे सुरक्षित और पारिवारिक माहौल वाले हॉस्टल विकसित करना चाहती है जहां माता-पिता बिना किसी संकोच के अपने बच्चों को भेज सकें. उन्होंने कहा कि दिल्ली आने वाला हर विद्यार्थी केवल एक छात्र नहीं, बल्कि अपने परिवार की उम्मीद और भविष्य का सपना होता है. ऐसे में विद्यार्थियों को कमरे के किराए, खानपान और सुरक्षा की चिंता से मुक्त करना सरकार का नैतिक दायित्व है.

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