बुराड़ी में ज्वैलरी किट्टी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, एक साल बाद आरोपित पुलिस की गिरफ्त में

News Desk
4 Min Read

नई दिल्ली। ज्वैलरी किट्टी स्कीम के नाम पर बुराड़ी और उसके आसपास रहने वाले 700 लोगों से करीब 1.5 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में एक साल से फरार चल रहे आरोपित अनिकेत कुमार वर्मा को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने सूरत एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है।

दिल्ली से दुबई भाग जाने पर इसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर नोटिस जारी करवा दिया गया था, जिससे भारत आते ही उसे दबोच लिया गया। अनिकेत और इसके पिता द्वारा लोगों को हर महीने एक हजार रुपये जमा करने पर 24 महीने बाद 28,000 रुपये नकद या उतनी ही कीमत के गहने देने का लालच दिया गया था।

पिछले साल दर्ज किया गया था केस

एडिशनल पुलिस कमिश्नर रवि कुमार सिंह का कहना है कि पीड़ितों की शिकायत पर बुराड़ी के जगतपुर स्थित मैसर्स बाबा श्याम गिरी ज्वैलर्स के मालिक नरेश कुमार वर्मा और उनके बेटे अनिकेत वर्मा के खिलाफ पिछले साल आठ अक्टूबर को केस दर्ज किया गया था।

बाप-बेटे बुराड़ी इलाके में ज्वैलरी किटी कमेटी चला रहे थे और लोगों को किटी की अवधि पूरी होने के बाद बड़ी रकम या उसके बराबर कीमत के गहने देने का झूठा भरोसा देकर पैसे वसूल रहे थे।

इस स्कीम में बड़ी संख्या में लोगों को शामिल करके, आरोपितों ने 700 पीड़ितों से 1.5 करोड़ जमा किए थे। जांच में पता चला कि आरोपितों द्वारा किटी सोसाइटी के सदस्यों से कैश में किस्तें लेकर कैश पेमेंट की हाथ से लिखी रसीदें देते थे।

मोटी रकम इकट्ठा करने के बाद आरोपित अपनी प्रापर्टी बेचकर दिल्ली से भाग गए थे, उनके ठिकाने का पता नहीं चल पा रहा था। उनके भागने और उन्हें पकड़ने में आसानी के लिए, दोनों आरोपितों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर नोटस जारी कराए गए। बाद में पता चला कि दोनों दुबई में अपने परिवार के साथ रह रहे है।

सूरत एयरपोर्ट पर अनिकेत वर्मा को रोके जाने की जानकारी मिलने पर एसीपी वीरेंद्र काद्यान व एसआइ राहुल तोमर की टीम ने 11 सितंबर को उसे वहां से गिरफ्तार कर लिया।

1200 परिवारों के साथ की धोखाधड़ी

पीड़ितों की कुल संख्या, वसूली गई रकम, पैसों के लेन-देन का ब्यौरा और अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है। कानूनी और राजनयिक तरीकों से सह आरोपित नरेश कुमार वर्मा को पकड़ने की कोशिश की जा रही है, वह भी दुबई में रह रहा है।

अनिकेत वर्मा, अल-बरशा अपार्टमेंट, दुबई में रह रहा था। वह अपने परिवार के साथ पहले यमुना विहार में रहता था और गहनों का कारोबार करता था। यमुना विहार और बुराड़ी में उसकी गहनों की दो दुकानें थी।

वह अपने पिता के साथ मिलकर 12 सालों से किटी कमेटी चला रहा था, जिसके ज़रिए उसने 1200 लोगों के साथ धोखाधड़ी की। इसके बाद, दिल्ली में अपनी सारी संपत्ति बेचने के बाद वह परिवार के साथ दुबई भाग गया था।

Share This Article
Leave a Comment