साहिबाबाद (गाजियाबाद)। पाकिस्तान के लिए जासूसी कर संवेदनशील इलाकों में सिम आधारित स्पाई कैमरे लगाने वाले 13 जासूसों के खिलाफ एनआइए ने शनिवार को लखनऊ में चार्जशीट दाखिल की है।
चार्जशीट में आरोपितों पर देश के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने, संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की रेकी कर फोटो-वीडियो पाकिस्तान की संस्थाओं तक पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाए हैं।
कौशांबी थाना पुलिस ने 14 मार्च 2026 को जासूसी नेटवर्क से जुड़े 21 आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इनमें से 18 आरोपितों की जांच एनआइए को ट्रांसफर कर दी गई थी। एनआइए की जांच में सामने आया कि आरोपितों ने प्रतिबंधित, अति संवेदनशील इलाकों में प्रवेश कर सिम स्पाई कैमरे लगाए।
इन कैमरों से लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग, फोटो खींचकर जियो-टैगिंग कर पाकिस्तान को भेजे थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपितों ने इसमें भारतीय सिम कार्डों का अवैध रूप से इंतजाम किया था। आरोपित सुहेल और अन्य ने दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन, सोनीपत रेलवे स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण जगह पर कैमरे इंस्टाल किए थे।
सुहेल ने व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा था, जिसमें सभी आरोपित फोटो और वीडियो अपलोड करते थे। आरोपितों द्वारा देश की 450 वीडियो पाकिस्तान भेजे की बात सामने आई है। इसके एवज में विदेशों के जरिये खातों में भुगतान मिलता था।
इन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट
एनआइए ने 13 आरोपितों प्रवीण, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि, रितिक गंगवार, समीर उर्फ शूटर, दुर्गेश निषाद, नौशाद, गगन कुमार, विवेक, शिवराज, मीरा ठाकुर और शेन इरम उर्फ महक सहित एक अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इससे पहले पांच नाबालिग आरोपितों के खिलाफ 18 मई 2026 को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
