
गाजियाबाद। कोरोना,पोलियो से लेकर खसरा तक को काबू करने पर अहम भूमिका निभानी वाली सबसे बड़ी संस्था डब्ल्यूएचओ का भविष्य संकट में है। पोलियो नियंत्रण को लेकर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले डब्ल्यूएचओ के 30 हेल्थ मॉनीटर हटा दिये गये हैं।
एक सितंबर से उक्त हेल्थ मॉनीटर काम नहीं कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि सभी को सितंबर माह का वेतन देने के बाद हटाया गया है। हेल्थ मॉनीटर स्थानीय अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के पास जाकर वापस रखने का अनुरोध कर रहे हैं।
कई जिलों में बंद हो रहे WHO के क्षेत्रीय कार्यालय
चर्चा है कि शासन स्तर से इस संबंध में कुछ ठोस आश्वासन भी मिला है। लेकिन, अधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि करने को तैयार नहीं है। संभावना है कि एनएचएम के तहत उक्त को रखा जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने वाली संस्था का विस्तार खत्म होने वाला है। इसके चलते खसरा, पोलिया, डिप्थीरिया, कोरोना और अन्य आउट ब्रेक पर संकट गहरा सकता है।
धीरे धीरे कई जिलों में डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय कार्यालय बंद कर दिये गये हैं। गाजियाबाद में भी कार्यालय को बंद करने की कवायद तेज हो गई।
बताया गया है कि मार्च 2027 से पहले जिले में संचालित डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय कार्यालय को बंद कर दिया जायेगा। 30 से अधिक जिलों में पहले ही कार्यालय बंद किये जा चुके हैं।
पोलियो अभियान को टेक ओवर करने जा रही सरकार
डब्ल्यूएचओ के सर्विलांस मेडिकल अधिकारी डॉ. अभिषेक का कहना है कि गाजियाबाद में पोलियो अभियान को लेकर डब्ल्यूएचओ कई साल काम कर रही है। केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार पोलियो अभियान को खुद टेक ओवर करने जा रही है।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस विंग जिला स्तर पर ही पोलियो अभियान का काम देखेगी।
डिप्थीरिया संदिग्ध मरीज भर्ती
संजयनगर स्थित जिला संयुक्त अस्पताल में बृहस्पतिवार को गोविंदपुरम के रहने वाले जयप्रकाश की 21 वर्षीय बेटी आकांक्षा को सांस लेने में परेशानी होने पर भर्ती कराया गया। बाल रोग विशेषज्ञ डा.मदनलाल की देखरेख में युवती का इलाज चल रहा है। युवती का डिप्थीरिया जांच के लिये सैंपल लेकर लैब को भेजा गया है।
