
गाजियाबाद। विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के तहत मतदाता सूची पुनरीक्षण और वल्नरेबिलिटी मैपिंग को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है।
जिला निर्वाचन अधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ की अध्यक्षता में सेक्टर अधिकारियों की प्रशिक्षण-सह-ब्रीफिंग बैठक हुई। इसमें प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहने और देरी से पहुंचने वाले अधिकारियों के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन संबंधी कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी को दें रिपोर्ट..
उन्होंने कहा कि प्रत्येक सेक्टर अधिकारी अपने क्षेत्र के मतदान केंद्रों और मतदेय स्थलों की भौतिक स्थिति का सत्यापन करें। मतदान केंद्रों तक पहुंचने वाले मुख्य और वैकल्पिक मार्गों की जांच कर रूट चार्ट तैयार करें।
मतदान केंद्रों पर पेयजल, शौचालय सहित अन्य न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं (एएमएफ) की उपलब्धता भी सुनिश्चित कराएं। कमियां मिलने पर संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) के माध्यम से जिला निर्वाचन कार्यालय को रिपोर्ट दें।
11 से 12 बीएलओ के काम की करेंगे निगरानी
सेक्टर अधिकारियों को अपने अधीन लगभग 11 से 12 बीएलओ के काम की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। बीएलओ के माध्यम से घर-घर सर्वे कराकर पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरवाया जाएगा।
छूटे हुए मतदाताओं को चिह्नित करने के साथ मतदाता सूची में दर्ज नामों का सत्यापन भी कराया जाएगा। लापरवाही करने वाले बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
संवेदनशील क्षेत्रों की होगी वल्नरेबिलिटी मैपिंग
सेक्टर अधिकारियों को पुलिस अधिकारियों के साथ संयुक्त भ्रमण कर संवेदनशील गांवों, मोहल्लों और मतदाता समूहों की पहचान करने को कहा। ऐसे व्यक्तियों और कारकों को चिह्नित किया जाएगा, जिनसे मतदाताओं पर भय, दबाव या अनुचित प्रभाव डालने की आशंका हो। इसकी रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में तैयार कर प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी।
दैनिक डायरी में दर्ज होगा भ्रमण का ब्योरा
सेक्टर अधिकारियों और सुपरवाइजर को दैनिक डायरी तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसमें बीएलओ के घर-घर भ्रमण, मतदाताओं से संपर्क, क्रॉस वेरिफिकेशन और क्षेत्रीय निरीक्षण का ब्योरा दर्ज होगा। ईआरओ इन डायरियों की नियमित जांच करेंगे।
बैठक में अधिकारियों को इलेक्टोरल सर्च पोर्टल और संबंधित एप के माध्यम से मतदाता सूची में नाम खोजने का प्रशिक्षण भी दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि पुनरीक्षण के दौरान कोई भी पात्र मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से वंचित नहीं रहना चाहिए।
