
गाजियाबाद। मधुबन-बापूधाम में करीब 152 करोड़ रुपये की लागत से तैयार बुनकर मार्ट अब प्रदेशभर के शिल्पकारों और हस्तशिल्प उद्यमियों के लिए बड़े व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके दायरे को बुनकरों तक सीमित न रखते हुए इसका नाम बदलकर विश्वकर्मा एक्सपो एवं कन्वेंशन सेंटर करने के निर्देश दिए हैं।
यहां प्रदेश के विभिन्न जिलों के पारंपरिक शिल्पकारों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन, बिक्री और विपणन के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। अगले महीने मुख्यमंत्री से इसका लोकार्पण कराने की तैयारी है।
बुनकर मार्ट बनेगा विश्वकर्मा एक्सपो सेंटर
जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने मुख्यमंत्री को परियोजना का प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें परिसर की सुविधाओं और भविष्य की उपयोगिता की जानकारी दी गई।
करीब 38,340 वर्गमीटर क्षेत्रफल में विकसित इस परियोजना में ओपन बुनकर मार्ट, दुकानें, प्रदर्शनी गैलरी, बड़े एक्सपो हॉल, 560 सीटों का ऑडिटोरियम, कन्वेंशन और कॉन्फ्रेंस हॉल, फूड कोर्ट और ओपन थिएटर बनाया गया है।
इसके अलावा बुनकरों के ठहरने के लिए 10 रेजिडेंस यूनिट और करीब एक हजार कारों की पार्किंग की व्यवस्था है। परियोजना के अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं।
प्रदेशभर के शिल्पकारों को मिलेगा मंच
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद यहां केवल बुनकर ही नहीं, बल्कि लकड़ी, धातु, पत्थर, मिट्टी, वस्त्र, कालीन, चिकनकारी, जरी-जरदोजी और टेराकोटा से जुड़े कारीगरों को भी जगह मिलेगी।
प्रदेश के अलग-अलग जिलों के विशिष्ट उत्पादों के लिए अलग स्थान निर्धारित किए जाएंगे। इससे एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना को भी नया मंच मिलेगा।
यहां शिल्प प्रदर्शनियों, व्यापार मेलों, एक्सपो और क्रेता-विक्रेता सम्मेलनों का आयोजन किया जा सकेगा।
जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि इस पहल से छोटे कारीगरों, महिला शिल्पकारों, स्वयं सहायता समूहों और सूक्ष्म उद्यमियों को सीधे ग्राहकों और बड़े खरीदारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार विस्तार के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
एक्सप्रेसवे से भी बेहतर कनेक्टिविटी
मधुबन-बापूधाम में विश्वकर्मा एक्सपो एवं कन्वेंशन सेंटर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से करीब छह किलोमीटर और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से सात किमी की दूरी पर स्थित है।
प्राधिकरण अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुसार इसे बहुउद्देशीय केंद्र के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना को अमलीजामा पहनाने में जुट गया है।
