
ग्रेटर नोएडा। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत दाखिले में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। शुक्रवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कई अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला कराने के लिए चक्कर लगाते रहे।
500 से अधिक बच्चों का दाखिला अटका
बीएसए राहुल पंवार ने बताया कि जांच में कई आवेदन पत्रों के साथ लगे राशन कार्ड फर्जी पाए गए हैं। इसी वजह से 500 से अधिक छात्रों का अब तक दाखिला नहीं हो सका है।
पहले स्कूल मिला पर अब मना कर दिया
अभिभावक जितेंद्र कुमार ने बताया कि वह पिछले चार माह से स्कूल और बीएसए कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। उन्हें पहले चरण में स्कूल आवंटित हो गया था, लेकिन अब स्कूल ने राशन कार्ड को फर्जी बताकर दाखिले से मना कर दिया।
जितेंद्र का कहना है कि उसने प्रक्रिया में भाग लेने के लिए 15 हजार रुपये भी दिए थे। अब न दाखिला हो रहा है और न ही पैसे वापस मिल रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल दो स्तर के सत्यापन पर है।
पहले की जांच में क्यों नहीं पता चला?
अभिभावकों का आरोप है कि ब्लाॅक और जिला स्तर पर जांच के बावजूद फर्जी दस्तावेज पकड़ में नहीं आए। अब चार माह बाद स्कूलों की ओर से आपत्ति लगाई जा रही है।
बीएसए ने कहा कि मामले की फिर से जांच कराई जाएगी और चूक के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। शिकायतें जिलाधिकारी मेधा रूपम तक भी पहुंची थीं।
उन्होंने सूची मांगी थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने मामला टाल दिया। कई स्कूलों ने तहसील से जारी आय प्रमाण पत्र को भी फर्जी करार दे दिया। इसकी जांच कराई जा रही है।
