नई दिल्ली- उत्तर भारत में मौसम का बड़ा बदलाव: पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानी इलाकों में ठंड और बारिश की आहटउत्तर भारत में अब शरद की नरम ठंड धीरे-धीरे कड़क सर्दी का रूप लेने जा रही है। आज यानी 4 नवंबर से मौसम में बड़े बदलाव की शुरुआत हो रही है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और बारिश, जबकि मैदानी राज्यों में हल्की वर्षा और ठंडी हवाओं की संभावना जताई गई है।
आईएमडी की चेतावनी: तापमान गिरेगा 5 डिग्री तक
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले 48 घंटों के भीतर गरज-चमक के साथ बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है। कुछ जगहों पर ओलावृष्टि और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे मैदानी राज्यों में हल्की बारिश, बादल छाए रहने और तापमान में गिरावट की स्थिति बनेगी। आने वाले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है, जिससे सर्दी का अहसास बढ़ेगा।
फसलों पर असर और शीतलहर का संकेत
मौसम में इस अचानक बदलाव का असर कृषि पर भी पड़ सकता है। खरीफ की कटाई और गेहूं की बुवाई वाले क्षेत्रों में हवाओं और बूंदाबांदी से कामकाज प्रभावित होने की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर-पश्चिम भारत में आने वाले दिनों में शीतलहर जैसे हालात बन सकते हैं।
पर्यटन स्थलों पर सीजन की पहली बर्फबारी की उम्मीद
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के ऊंचे क्षेत्रों जैसे शिमला, मनाली, औली, सोनमर्ग और गुलमर्ग में इस सीजन की पहली बड़ी बर्फबारी देखने को मिल सकती है। यहां तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरने का अनुमान है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि पहाड़ी सड़कों पर फिसलन और दृश्यता कम होने से यात्रा के दौरान सतर्क रहें।
दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग की चादर और बढ़ेगी परेशानी
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में सुबह से ही घना स्मॉग छाया रहा। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हवा में नमी बढ़ेगी, जिससे प्रदूषण और धुंध की परत और घनी हो सकती है।
दिल्ली में आज अधिकतम तापमान करीब 30°C और न्यूनतम 16–17°C के बीच रहने का अनुमान है। कई स्थानों पर एक्यूआई (AQI) 400 से ऊपर पहुंच गया है, जो “गंभीर” श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों के अनुसार, हल्की बारिश अस्थायी राहत दे सकती है, लेकिन नमी बढ़ने से दृश्यता और वायु गुणवत्ता दोनों में सुधार की संभावना कम है।
पूर्व और दक्षिण में हल्की बारिश के संकेत
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कम दबाव वाले क्षेत्र अब कमजोर पड़ रहे हैं, लेकिन इनके प्रभाव से पूर्वोत्तर भारत, अंडमान-निकोबार और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और बिजली चमकने की संभावना बनी हुई है।
अंडमान सागर में 30–40 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली समुद्री हवाओं को देखते हुए मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

