नोएडा। नोएडा में साइबर ठगों ने पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र के दो लोगों को नौकरी दिलाने और ट्रेडिंग व निवेश में ज्यादा मुनाफा कमाने का झांसा देकर 51 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया।
शातिरों ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर पीड़ितों से संपर्क कर उन्हें वाट्सऐप ग्रुप में जोड़कर निवेश की सलाह दी थी। पीड़ितों ने ठगी के बाद साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत की थी। दोनों मामलों में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज ठगों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए हैं।
26 लाख रुपये ऐंठ लिए
सेक्टर-62 में हारमोनी अपार्टमेंट के 70 वर्षीय नारायण माथुर ने पुलिस को शिकायत दी कि दिसंबर 2025 में एक महिला ने इंटरनेट मीडिया पर उनसे बातचीत की, जिसमें दोगुना ज्यादा मुनाफे का लालच देकर निवेश करने का झांसा दिया। वह शातिर के जाल में फंसकर निवेश के लिए तैयार हो गए। इसके बाद वाट्सऐप ग्रुप में जोड़कर ठगों ने कई बार में 26 लाख रुपये ऐंठ लिए।
मुनाफा कमाने का झांसा दिया
साइबर पुलिस ने 24 दिसंबर 2025 को एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत के बाद ठगों के बैंक खातों में 11 लाख रुपये फ्रीज करा दिए। दूसरी तरफ ग्रेटर नोएडा वेस्ट की महागुन मायवुड गौर सिटी-2 निवासी प्रतीक्षा को ठगों 26 जुलाई 2025 में घर बैठे नौकरी कर कमाई का झांसा दिया। सहमति देने पर शातिर ने उनसे कई फार्म भराए और तीन दिन बाद निवेश ट्रेडिंग के जरिए कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का झांसा दिया।
पीड़िता का आरोप है कि शातिरों ने उनसे कुल 25 लाख रुपये खातों से ट्रांसफर कराए। इस बीच उन्होंने निवेश और मुनाफे की रकम मांगी तो शातिरों ने संपर्क तोड़ दिया। 30 जुलाई को एनसीआरपी पोर्टल पर तीन अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन लंबे समय तक एफआइआर नहीं हुई। फिलहाल साइबर क्राइम पुलिस ने दोनों मामलों में ठगों द्वारा इस्तेमाल खाते, मोबाइल नंबर, यूपीआई आइडी, डिजिटल ट्रांजेक्शन समेत अन्य साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है।

