नोएडा: दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मामले में नामजद नोएडा की नाबालिग लड़की रुचिका सिंह की मां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनकी बेटी को माफ कर उसे जीवनदान दिया है और अब वह उनकी बेटी का भविष्य संवारने में भी मदद करें।
‘मेरी बेटी को भी गोद ले लें’
एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में लड़की की मां ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस उदारता का परिचय दिया है, उसके लिए पूरा परिवार उनका आभारी है।
उन्होंने कहा, “जैसे आप गांव-गांव को गोद लेकर देश को संवार रहे हैं, वैसे ही मेरी बेटी को भी गोद ले लें और उसका जीवन संवार दें। उसे भी परिवार का प्यार मिले। गलती हुई है, हम माफी मांग रहे हैं और सच में शर्मिंदा हैं।”
‘पीएम मोदी ने मेरी बेटी को जीवनदान दिया’
रुचिका सिंह की मां ने कहा कि जिस बच्ची ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्द कहे, उसे भी प्रधानमंत्री ने माफ कर अपनी महानता दिखाई।
उन्होंने कहा, “आज मेरी बेटी का जन्मदिन है और प्रधानमंत्री मोदी ने उसे सबसे बड़ा उपहार दिया है, वह है जीवनदान। आज मेरी बेटी का नया जन्म हुआ है। इसके लिए मैं हाथ जोड़कर उनका धन्यवाद करती हूं।”
सोशल मीडिया पर भी उठाए सवाल
लड़की की मां ने सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया के जरिए आसानी से गुमराह हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर कड़ी निगरानी या प्रतिबंध होना चाहिए।
उनका कहना था कि कम उम्र के बच्चों को समाज और बड़ों के सम्मान की पूरी समझ नहीं होती और उनका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।
एफआईआर वापस लेने की अपील
मां ने अपनी बेटी के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की भी मांग की। उनका दावा है कि एफआईआर में उनकी बेटी की उम्र गलत दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी 15 वर्ष की नाबालिग है और उसके खिलाफ दर्ज मामले पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
पीएम मोदी ने की थी कार्रवाई न करने की अपील
इस पूरे घटनाक्रम से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी किया था। उन्होंने कहा था कि पिछले कुछ दिनों में जिन बच्चों ने उन्हें और उनकी मां के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाय उन्हें समझाने और सही रास्ता दिखाने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने उन्हें ‘गुमराह बच्चे’ बताते हुए समाज से उन्हें अपनाने और सही दिशा देने की अपील की थी।
माफी का वीडियो भी आया सामने
प्रधानमंत्री के संदेश के कुछ घंटे बाद प्रदर्शन में शामिल रुचिका सिंह का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने सार्वजनिक रूप से अपने व्यवहार के लिए माफी मांगी और खेद व्यक्त किया।

