ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में अवैध रास्ते बंद करने का काम शुरू कर दिया गया है। सेंट्रल वर्ज की टूटी फेंसिंग को सही करने के साथ सड़कों के किनारे खुले पड़े नालों को ढकने का काम भी तेज कर दिया गया है।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में खतरनाक गड्ढों को ढूंढ़कर उन्हें भरने का काम किया जा रहा है। सोमवार को परियोजना विभाग के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय दिखे।
कलाधाम सोसायटी परिसर में नलकूप के लिए खोदे गए गड्ढे डूबने से छह साल के बच्चे अव्यान की मौत से प्राधिकरण के अधिकारी हरकत में आ गए हैं। सीईओ ने दुर्घटना संभावित सभी स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
इस पर परियोजना विभाग ने काम शुरू कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सारे कामकाज छोड़कर सुरक्षा के इंतजाम सबसे पहले किए जा रहे हैं,ताकि भविष्य में इस तरह की घटना न हो।
सोमवार को अमृतपुरम से रामपुर सेक्टर बीटा-1 गोलचक्कर तक अवैध रास्तों को बंद करने का काम किया गया। यहां पर पांच से अधिक स्थानों पर लोगों ने फेंसिंग तोड़कर अवैध रास्ता बना लिया था। इससे हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
वहीं ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट को जोड़ने वाली 130 मीटर चौड़ी सड़क पर अवैध रास्ते को बंद किया जा रहा है। इस सड़क पर सबसे ज्यादा अवैध रास्ते बने हुए हैं।
एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने बताया कि ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट इलाके में विशेष अभियान चलाकर सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। गड्ढों को भरने का काम किया जा रहा है।

