करोड़ों की सरकारी जमीन पति के नाम दर्ज करने पर महिला लेखपाल निलंबित

News Desk
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ग्रेटर नोएडा। एक महिला लेखपाल को करोड़ों की सरकारी जमीन की घरौनी अपने पति के नाम पर दर्ज करने पर जिलाधिकारी ने उसे निलंबित कर दिया है।

शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी मेधा रूपम ने मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी थी। लेखपाल की ओर से संतोषजनक जवाब न मिलने पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। लेखपाल को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। मामले की जांच तहसीलदार न्यायिक को सौंपी गई है।

गांवों में लोगों के नाम पर संपत्ति दर्ज करने के लिए केंद्र सरकार ने स्वामित्व योजना शुरू की थी। इसके तहत संपत्ति के दस्तावेज तैयार किए गए। इसका मकसद गांवों में जमीन को लेकर होने वाले विवादों को समाप्त करना था। गौतमबुद्ध नगर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर घरौनी बनाने का काम हुआ।

शिकायत पर कराई गई जांच 

सदर तहसील के बांजरपुर गांव में 2020 से 2023 तक लेखपाल रही नीरज लता ने 450 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर अपने पति के नाम दर्ज कर दिया। लेखपाल ने इस जमीन को आबादी दिखाया। जमीन की कीमत तीन करोड़ों बताई गई है। इसकी शिकायत जिलाधिकारी मेधा रूपम से होने पर उन्होंने तहसीलदार से जांच कराई थी।

लेखपाल की ओर से दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं होने पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर लेखपाल नीरज लता को निलंबित कर दिया है। सदर तहसील की नायब तहसीलदार ज्योत्सना सिंह को जांच सौंपी है।

अब सभी रिकॉर्ड की जांच की जा रही

महिला लेखपाल अभी बिलासपुर में तैनात थीं, उन्हें जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता का कहना है कि प्रकरण से संबंधित दस्तावेजों और रिकाॅर्ड की भी जांच की जा रही है।

किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। मामले में नायब तहसीलदार को जांच सौंपी जा चुकी है।

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