गाजियाबाद। साहिबाबाद थाना पुलिस ने एटीएम और कैश डिपाजिट मशीन (सीडीएम) हैक कर रुपये उड़ाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने यूट्यूब से स्मार्ट प्लग के जरिए एटीएम और सीडीएम हैक करने का तरीका सीखा था। इसके बाद पिछले करीब छह वर्षों से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र में वारदातों को अंजाम दे रहे थे। गिरोह अभी तक 500 से ज्यादा मामलों में दो करोड़ रुपये की रकम उड़ा चुका है।
डीसीपी सुरेंद्रनाथ तिवारी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपितों में अहसान, रोहिश और सिराज हरियाणा के नूंह मेवात के निवासी हैं, जबकि आरिफ मूल रूप से मथुरा का रहने वाला है और वर्तमान में दिल्ली में रह रहा था। उनके कब्जे से चार लाख रुपये नकद, घटना की रकम से खरीदी गई स्कार्पियो, सेंट्रो कार, स्मार्ट प्लग, दो मोबाइल फोन और मशीन खोलने के उपकरण बरामद हुए हैं।
एहसान गिरोह का मास्टरमाइंड है। पूछताछ में पता चला कि गिरोह के सदस्य ऐसा बैंक एटीएम चुनते थे जो पाश इलाके में हो और कुछ दिन रेकी कर पता करते थे कि उस एटीएम में अधिक धनराशि निकालने वाले ग्राहक आते हैं या छोटी धनराशि वाले ग्राहक आते हैं। इसके बाद एटीएम तय कर लेते थे। बैंक खुलने से पहले या अवकाश वाले दिन एटीएम मशीन की बिजली आपूर्ति में पहले से स्मार्ट प्लग लगा देते थे।
एक सदस्य एटीएम के अंदर रुपये निकालने का नाटक करता
इस प्लग को मोबाइल में इंस्टॉल स्मार्ट लाइफ एप से नियंत्रित किया जाता था। इसके बाद गिरोह के सदस्य एटीएम के आसपास खड़े हो जाते थे। जब कोई ग्राहक आता तो एक सदस्य एटीएम के अंदर रुपये निकालने का नाटक करता। एक बाहर खड़ा हो जाता और दो आसपास मौजूद रहे।
जब कोई ग्राहक एटीएम या सीडीएम में नकदी जमा या निकासी करता था, तभी इशारा कर दूसरे साथी से मोबाइल के जरिए एटीएम की बिजली आपूर्ति बाधित कर मशीन को हैंग कर देते थे। इसके बाद पेचकस और साइकिल की तीलियों से बने विशेष औजार की मदद से मशीन खोलकर अंदर फंसी नकदी निकाल लेते थे।
केनरा बैंक एटीएम में फर्जीवाड़ा कर पकड़ में आया गिरोह
मामले का पर्दाफाश केनरा बैंक की राजेंद्र नगर शाखा के सीडीएम से 27 से 29 जून के बीच करीब 31 लाख रुपये की नकदी 56 मामलों में गायब होने का पता जांच के दौरान हुआ। यह नकदी कई ग्राहकों की थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से साहिबाबाद रेलवे स्टेशन के पास से चारों आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपित अहसान के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और गाजियाबाद समेत विभिन्न राज्यों में 11 मुकदमे दर्ज हैं।
पूछताछ में पता चला कि राजेंद्र नगर के ही पीएनबी के एटीएम से आरोपितों ने रुपये निकाले थे। आरोपितों से दो कार बरामद हुई हैं जिनमें से स्कार्पियो कार एक महीने पूर्व धोखाधड़ी की रकम से खरीदी है इसके अलावा दिल्ली में एक मकान भी खरीदा था। पुलिस का कहना अपराध से अर्जित संपति को शीघ्र जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
ग्राहक को नुकसान नहीं हाेता और बैंक को पता लगाने में कई दिन लगते
एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना के मुताबिक आरोपित एक एटीएम पर तीन-चार दिन ही वारदात करते थे। उसके बाद ठिकाना बदल देते थे। पूरे फर्जीवाड़े में ग्राहक का कोई नुकसान नहीं होता था। क्योंकि जब ग्राहक डेबिट कार्ड डालकर रुपये निकालने की कमांड देता तभी मशीन की विद्युत आपूर्ति बंद कर देते। इससे रुपये मशीन की ट्रे में फंस जाते। ग्राहक के खाते से रुपये नहीं कटते थे।
मशीन रिस्टार्ट होने में समय लेती इसलिए ग्राहक किसी दूसरे एटीएम से रुपये निकालने चले जाते। इसके बाद आरोपित मशीन से रुपये निकाल लेते। आरोपित एटीएम भी ऐसा चुनते थे जो बैंक शाखा परिसर में न हो। ऐसे एटीएम में रुपयों की गड़बड़ी का पता लगने में बैंक को सात से 10 दिन का पता चलता है। तब तक आरोपित किसी दूसरे एटीएम में वारदात करने चले जाते थे।

