दक्षिणी दिल्ली। संगम विहार थाना क्षेत्र में 45 साल की पत्नी मंजू उर्फ नाजिया ने 20 साल के प्रेमी चमन के साथ मिलकर 55 वर्षीय पति मुन्ना लाल की बेरहमी से हत्या की। इससे पहले भी वह मुन्ना लाल को मारने की दो बार नाकाम कोशिश कर चुकी थी। घटना वाली रात बेटियों ने तीन अप्रत्याशित नोट की। खाना बड़ी बेटी बनाती थी, जबकि छोटी बेटी परोसती थी। सोने के समय पिता को गर्म दूध देने का काम छोटी बेटी का था।
दोनों बहनें अमूमन डेढ़ दो बजे रात तक जागती थीं। बड़ी बेटी ने बताया कि शाम को मां को किचन में खाना बनाते देखकर थोड़ी हैरानी हुई। जब पापा आए तो मां ने छोटी बेटी को आवाज लगाने की बजाय स्वयं ही खाना परोसा। दूध भी स्वयं ही गर्म करके दिया। इतना ही नहीं रात 10 से 11.30 बजे के बीच तीन से चार बार जल्दी सोने के लिए हमें डांट भी लगाई। इसके चलते हम दोनों लगभग 12.30 बजे तक सो गए।
कांवड़ लेने गए भाई को लेकर चिंता जताई
बड़ी बेटी ने बताया कि सुबह में साढ़े चार बजे एसी बंद करने के लिए उठी। तभी मम्मी कमरे में घबराई हुई आयीं। मैंने हाथ-पैर की मालिश करनी शुरू की। फिर उन्होंने पड़ोस की आंटी को बुलवाया। उनसे कहा कि मेरा मन घबरा रहा है। कांवड़ लेने गए भाई को लेकर चिंता जताई। उनसे फोन भी लगवाया।
लगभग पांच बजे मैंने छोटी बहन को जगाया और आगे के कमरे में सो रहे पापा को जगाकर बुलाने को कहा। कमरे में अंधेरा था। लाइट जलाई तो देखा कमरे में सारा सामान बिखरा पड़ा था। पापा खून से लथपथ बेड से नीचे औंधे मुंह पड़े थे। उनके हाथ-पैर मुड़े हुए थे।
कमरे में फैला खून एकदम से सूख चुका था। माथे पर बायीं ओर गहरा घाव का निशान था। हमें लगा कि चोरी या डकैती के दौरान पापा के साथ हादसा हुआ होगा। बाद में इसमें मां का हाथ होने का पता चला। जब से होश संभाला मां को पापा के साथ छोटी-छोटी बातों पर लड़ते-झगड़ते ही देखा है।
सात महीने पहले भी की थी मारने की कोशिश
बड़ी बेटी ने बताया कि छह-सात महीने पहले रात के समय अचानक पापा की चीख सुनकर हम दोनों दौड़कर उनके पास गए। पापा बोले तेरी मम्मी ने करंट लगाकर मुझे मारने की कोशिश की है। मम्मी पास ही खड़ी थीं। उन्होंने पापा को डपटते हुए कहा था कि सपना देखा होगा। मैं भला ऐसा क्यों करूंगी। जबकि बेड पर दो नंगे तार पड़े थे, जो कूलर से जुड़े थे।
इतना तेज करंट का झटका लगा था कि वे बेड से नीचे गिर पड़े थे। इसे देखने और पापा के कहने के बाद भी हम दोनों ने मम्मी की बात पर भरोसा कर लिया था। उस समय भी हम सतर्क हो गए होते तो शायद पापा आज हमारे बीच होते।

