ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा संचालित जलपुरा और पौवारी की गोशालाओं के लिए हरा चारा और गेहूं के चोकर की आपूर्ति का टेंडर अब तीसरी बार जारी किया जाएगा। इससे पहले दो बार निकाले गए टेंडर में किसी भी एजेंसी ने रुचि नहीं दिखाई। शुक्रवार को कोटेशन जमा करने की अंतिम तिथि थी, लेकिन इस बार भी कोई प्रस्ताव नहीं आया।
दोनों गोशालाओं में 400 से अधिक गाय, बैल और बछड़े रखे गए हैं। इन्हें रोजाना करीब 8-10 टन हरा चारा और 1.2 टन चोकर की जरूरत होती है। टेंडर न होने के कारण प्राधिकरण को अस्थायी रूप से खुले बाजार से खरीद करनी पड़ रही है। इससे लागत बढ़ गई है और सप्लाई भी अनियमित हो रही है।
अधिकारियों के अनुसार एजेंसियां चारे की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भुगतान में देरी के डर से टेंडर से पीछे हट रही हैं। बाजार में हरे चारे की कीमतें मौसम के हिसाब से बदलती रहती हैं, जबकि टेंडर की शर्तों में रेट फिक्स होने की वजह से सप्लायर जोखिम नहीं लेना चाहते।
प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गोशालाओं में जानवरों को समय पर चारा मिलना जरूरी है, इसलिए अस्थायी खरीद अभी जारी रखी जाएगी। लेकिन यह व्यवस्था महंगी साबित हो रही है और बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। समस्या को देखते हुए प्राधिकरण अब मौजूदा शर्तों में संशोधन करेगा।
सूत्रों के अनुसार रेट में फ्लेक्चुएशन क्लाज जोड़ा जा सकता है और भुगतान की समय-सीमा तय की जाएगी, ताकि एजेंसियां टेंडर में हिस्सा लें। संशोधित शर्तों के साथ जल्द ही री टेंडर जारी किया जाएगा।वरिष्ठ प्रबंधक राजेश गौतम ने कहा टेंडर की कुछ शर्तों को और सरल बनाकर तीसरी बार टेंडर जल्द ही जारी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक प्रतिभागी इसमें भागीदारी कर सकें।
