नई दिल्ली – राजधानी के पहाड़गंज इलाके में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 16 वर्षीय स्कूली छात्रा राधिका सोलंकी की जान चली गई। हादसा उस वक्त हुआ जब तेज़ रफ्तार में चल रहे ई-रिक्शा चालक ने ट्रैफिक सिग्नल तोड़कर अचानक मोड़ लिया, जिससे वाहन असंतुलित होकर पलट गया।
इस दुर्घटना में तीन अन्य लोग घायल हुए, जिनमें एक नाबालिग छात्रा, एक युवक और एक अन्य छात्र शामिल हैं। सभी को उपचार के लिए लेडी हार्डिंग अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने राधिका को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
क्या हुआ था घटनास्थल पर?
घटना सुबह करीब 7:30 बजे की है। पुलिस के अनुसार, नबी करीम क्षेत्र से तीन छात्राएं और एक युवक ई-रिक्शा में सवार हुए थे। चालक की तेज़ और लापरवाह ड्राइविंग के चलते रिक्शा ने रेड लाइट तोड़ी और मोड़ पर संतुलन बिगड़ने से पलट गया।
स्थानीय लोगों ने आरोपी चालक दिलीप (46) को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने ई-रिक्शा को जब्त कर लिया है और मामले की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
राधिका की कहानी: मासूम सपनों का टूटना
राधिका की ज़िंदगी पहले से ही संघर्षों से भरी थी। चार साल पहले पिता संजय सोलंकी का बीमारी से निधन हुआ और उसके कुछ महीनों बाद मां की भी हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई। इसके बाद राधिका और उसकी छोटी बहन चकोर (8) को उनके ताऊ अशोक सोलंकी ने पाला। दोनों बहनें नबी करीम इलाके में ताऊ के साथ रहती थीं।
राधिका पहाड़गंज के एक सरकारी स्कूल में 12वीं की छात्रा थी, और परिवार को उम्मीद थी कि वह अपने भविष्य को संवार पाएगी। लेकिन एक लापरवाह चालक की वजह से उसका जीवन और सपने अधूरे रह गए। बहन चकोर हादसे के बाद से गहरे सदमे में है।

