महिला सम्मान हमारा नैतिक कर्तव्य, अंतराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस

Rohit Kumar
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महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा का सबसे बड़ा प्रकार है घरेलू_हिंसा । दर्ज आंकड़ो के अनुसार महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में हर तीसरा अपराध घरेलू हिंसा का होता है जो वाकई शर्मसार करने वाला तथ्य है। शर्मनाक इसलिए कि महिलाओं के साथ होने वाली घरेलू_हिंसा से मतलब हमारे घरों में रहने वाली महिलाओं के साथ होने वाली शारिरिक एवं मानसिक प्रताड़ना से है जिसमें कहीं ना कहीं इस हिंसा में हम भी इन्वाल्व होते है । #घरेलू_हिंसा में दहेज एक सबसे बड़ा कारक है जिसका खामियाजा हमारी बहन-बेटियों को शारिरिक-मानसिक उत्पीड़न के साथ साथ हत्या तक के रूप में झेलना पड़ता है जो बेहद व्यथित करने वाला है । दहेज का दानव
आज सुरसा राक्षसी जैसा रूप ले चुका है जिसमें जितना भी भेंट चढ़ाओ कम ही होता है और हम सभी कहीं ना कहीं किसी ना किसी रूप में इससे अवश्य प्रभावित है।
हमारी बहन-बेटियों के साथ घरेलू हिंसा की इन घटनाओं को रोकने के लिए हमें स्वयं अपने अपने स्तर पर प्रयास करने होंगे और उसका एकमात्र कारगर उपाय है कि
हम अपनी बहु को अपनी बेटी के रूप में स्वीकार करें
अगर इस सोच के अनुसार हम व्यवहार करेंगे तो पाएंगे कि मन से दहेज की लालसा ही मिट जाएगी और बहु को बेटी जैसा प्यार-दुलार देने का भाव मन के अंदर पैदा होने लगेगा। जिससे घरेलू हिंसा की इन घटनाओं पर एक हद तक अंकुश लगाया जा सकेगा और हमारी बहन- बेटियां एक खुशमय जीवन का निर्वहन कर सकेंगी।

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