चलती ट्रेन में सफर करते समय महिला को हुई प्रसव पीड़ा, देवदूत बनकर आई मेडिकल छात्रा

Rohit Kumar
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सिकंदराबाद से विशाखापत्तनम जाने वाली दूरंतो एक्सप्रेस ट्रेन में एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया. गर्भवती महिला अपने परिवार के लोगों के साथ ट्रेन में सफर कर रही थी, तभी उसे अचानक प्रसव का दर्द शुरू हुआ. उस बोगी में एक मेडिकल की छात्रा भी सफर कर रही थी.

मेडिकल छात्रा ने गर्भवती महिला यात्री की डिलीवरी में मदद की. बताया गया है कि श्रीकाकुलम की गर्भवती महिला अपने परिवार के साथ सफर कर रही थी, तभी अनाकापल्ली स्टेशन के पास उसे प्रसव का दर्द शुरू हो गया. उसी बोगी में यात्रा कर रही मेडिकल की छात्रा ने तत्काल गर्भवती महिला की मदद की और महिला ने बच्चे को जन्म दिया.

बच्चे की डिलीवरी के बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल चेकअप के लिए ले जाया गया. जहां दोनों पूरी तरह स्वस्थ बताए जा रहे हैं. नवजात के सकुशल जन्म के बाद परिवार के लोग खुश थे. मां और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं. गर्भवती महिला के परिवार ने मेडिकल छात्रा को बच्चे को बचाने के लिए धन्यवाद दिया.

31 जुलाई को महिला ने ट्रेन में दिया था बच्चे को जन्म 

ये पहला ऐसा मामला नहीं था, जिसमें महिला ने ट्रेन में सफर के दौरान बच्चे को जन्म दिया हो. बीती 31 जुलाई को ही जम्मू तवी से कोलकाता जा रही ट्रेन में गर्भवती महिला ने बच्ची को जन्म दिया था. जिसके बाद आसनसोल स्टेशन पर जच्चा-बच्चा को उतारकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. प्रसूता अपने दो बच्चों के साथ ट्रेन में यात्रा कर रही थी. उसे अचानक से पश्चिम बंगाल के कुमारधुबी के पास लेबर पेन शुरू हो गया था.

यात्रियों ने की थी डिलीवरी में मदद 

बताया गया कि ट्रेन तेज रफ्तार से चल रही थी और अगला स्टेशन, यानी आसनसोल काफी दूर था. महिला की हालत देखते हुए ट्रेन में बैठे यात्रियों ने उसकी मदद की. गर्भवती का चारों तरफ चादर से पर्दा करके कुछ महिला यात्रियों ने उसकी डिलीवरी करवाई. वहां मौजूद लोगों ने ट्रेन में टीटीई को इस बारे में सूचित किया. टीटीई ने तुरंत आसनसोल कंट्रोल रूप पर फोन किया और महिला की हालत के बारे में बताया, जिसके बाद आरपीएफ सब-इंस्पेक्टर की टीम मौके पर पहुंची. महिला और बच्चे दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों स्वस्थ बताए गए.

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