ब्रिटेन के स्मेथविक में दुर्गा मंदिर के बाहर हिंसक प्रदर्शन, प्रदर्शनकारियों ने लगाए धार्मिक नारे

Rohit Kumar
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लंदन. ब्रिटेन के स्मेथविक में एक मंदिर के बाहर मंगलवार शाम को भीड़ ने हिंसक प्रदर्शन किया. हिंसक प्रदर्शनकारियों ने दुर्गा भवन मंदिर के बाहर से मंदिर परिसर में बोतलें फेंकी. अनियंत्रित प्रदर्शनकारियों ने मंदिर के अधिकारियों को धमकियां और गालियां भी दीं. भीड़ ने कुछ पटाखे जलाकर भी मंदिर में फेंके. मंदिर के बाहर हुए हिंसक प्रदर्शन ने मिडलैंड्स इलाके में लीसेस्टर जैसी हिंसा की आशंकाओं को जन्म दिया है. इसके कारण स्थानीय हिंदू समुदाय के लोग अपनी सुरक्षा के बारे में चिंतित हो गए हैं.

पुलिस ने मंदिर की दीवार कूदकर घुसने की कोशिश करने वाले हिंसक प्रदर्शनकारियों को वापस लौटा दिया. हिंसक भीड़ मंदिर की बाड़ को तोड़ने और मंदिर में घुसने की कोशिश कर रही थी. मंदिर के बाहर जुटी ये भीड़ परम शक्ति पीठ और वात्सल्यग्राम की संस्थापक साध्वी ऋतंभरा के दौरे का विरोध कर रही थी. खबरों के अनुसार साध्वी ऋतंभरा के तय दौरे को रद्द किए जाने के बारे में मुस्लिम समुदाय के नेताओं को बताए जाने के बाद भी प्रदर्शनकारी जुट गए.

मंदिर के एक सदस्य ने पहले तो उपद्रवी प्रदर्शनकारियों से शांति बहाल करने का आग्रह किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. बाद में पुलिस ने शांति बहाल करने और अनियंत्रित प्रदर्शनकारियों को वापस भेजने के लिए हस्तक्षेप किया. इन प्रदर्शनकारियों के समूह ने यह भी कहा कि वे ब्रिटेन में कहीं भी हिंदू नेताओं की यात्रा की अनुमति नहीं देंगे और धमकी दी कि यूके में अन्य मंदिरों के सामने इसी तरह के विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे. ये विरोध प्रदर्शन पिछले दो हफ्तों के दौरान लीसेस्टर में देखे गए प्रदर्शनों की तरह थे. जहां एक मंदिर के बाहर एक झंडे को हिंसक भीड़ ने नीचे गिरा दिया था. इस हिंसा की शुरुआत 28 अगस्त को भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के बाद हुई.

सोशल मीडिया पर इस घटना के कई वीडियो शेयर किए गए. जिसमें सैकड़ों लोगों की अनियंत्रित भीड़ को स्मेथविक में दुर्गा भवन मंदिर की ओर बढ़ते हुए देखा गया. इस वीडियो में गुस्साए प्रदर्शनकारियों को दुर्गा भवन मंदिर की दीवार को तोड़ने की कोशिश करते देखा जा सकता है. स्मेथविक में मंदिर के बाहर समुदाय विशेष के नारे भी सुने गए. भीड़ का एक सदस्य मंदिर के एक अधिकारी के प्रति अभद्र इशारे करता भी दिख रहा है. बहरहाल इन वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की जा सकी है.

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