अमेरिका ने नए हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया

Rohit Kumar
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वॉशिंगटन: यूक्रेन युद्ध में हाइपरसोनिक मिसाइलें बरसाकर तबाही मचा रहे रूस और चीन को करारा जवाब देने के लिए अमेरिका ने कमर कस ली है। अमेरिका ने अपनी अत्‍याधुनिक हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल का पिछले महीने सीक्रेट तरीके से सफल परीक्षण किया है। इस मिसाइल को बहुचर्चित अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने तैयार किया है। इस मिसाइल को हाइपरसोनिक एयर- ब्रीदिंग वेपन कॉन्‍सेप्‍ट नाम दिया गया है। अमेरिका के पास अभी हाइपरसोनिक मिसाइलें नहीं हैं, वहीं रूस और चीन लगातार परमाणु बम गिराने में सक्षम हाइपरसोनिक मिसाइलें बना रहे हैं।

अमेरिकी मिसाइल को परमाणु बॉम्‍बर B-52H की मदद से देश के पश्चिमी तट पर टेस्‍ट किया गया है। अमेरिका ने यूक्रेन को लेकर रूस के साथ चल रहे तनाव को देखते हुए अब तक इस परीक्षण को गुप्‍त रखा था। ऐसा पहली बार है जब इस अमेरिकी हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण सफल रहा है नहीं तो अभी तक किए गए कई परीक्षण असफल साबित हुए थे। परीक्षण के दौरान क्रूज मिसाइल ने 5 मैक से ज्‍यादा की गति हासिल की जो हाइपरसोनिक मिसाइल की सबसे बड़ी विशेषता होती है।

टेस्‍ट में मिसाइल 65 हजार फुट से ज्‍यादा की ऊंचाई पर गई
इससे पहले अमेरिकी एयरफोर्स ने कहा था कि इस मिसाइल में एक रॉकेट बूस्‍टर का इस्‍तेमाल किया जाएगा ताकि स्‍पीड को बढ़ाया जा सके। इसके बाद क्रूज मिसाइल की गति 5 मैक से लेकर 10 मैक तक हो जाएगी। इस ताजा टेस्‍ट में मिसाइल 65 हजार फुट से ज्‍यादा की ऊंचाई पर गई। इस दौरान मिसाइल ने 500 से ज्‍यादा किलोमीटर का रास्‍ता तय किया। इस मिसाइल को जमीनी हमला करने के डिजाइन किया गया है। हालांकि इसे नौसेना के लिए भी इसे बनाने की तैयारी है।

हाइपसोनिक मिसाइलों की रेस में बुरी तरह से पिछड़ चुका अमेरिका अब रूस और चीन से टक्‍कर लेने के लिए अरबों रुपये खर्च कर रहा है। यही नहीं अमेरिका ने अब ऑस्‍ट्रेलिया और ब्रिटेन के साथ मिलकर एक समझौते पर हस्‍ताक्षर किया है। इससे पहले अमेरिका ने रूस के साथ तनाव को देखते हुए अपनी अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल का परीक्षण दूसरी बार टाल दिया था। अमेरिका को डर सता रहा था कि इससे रूस के साथ संबंध बिगड़ सकते हैं या वह इसे गलती से संभावित हमले के रूप में ले सकता है।

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